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Road Accident: तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से 8 साल की बच्ची की मौत, मां-बाप घायल… 3 साल में 283 ने गंवाईं जान

Road Accident: रायपुर के सड़कों पर सड़क दुर्घटना रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सड़क हादसे में लोग अपनी जान गंवा रहे है। 3 साल में 283 ने जान गंवाईं....
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दर्दनाक सड़क हादसा (प्रतीकात्मक फोटो)

दर्दनाक सड़क हादसा (प्रतीकात्मक फोटो)

Road Accident: रायपुर के सड़कों पर सड़क दुर्घटना रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सड़क हादसे में लोग अपनी जान गंवा रहे है। इसी बीच एक और दर्दनाक हादसा हो गया है। विधानसभा इलाके में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली ने दोपहिया को टक्कर मार दी। इससे उसमें सवार 8 साल की बालिका की मौत हो गई। बालिका के माता-पिता बुरी तरह घायल हो गए। फिलहाल विधानसभा पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।

पुलिस के मुताबिक, ग्राम अकोली निवासी चोवाराम वर्मा अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाइक सवार होकर विधानसभा की ओर आ रहे थे। इस दौरान बरौदा के पास अज्ञात ट्रैक्टर ने उनकी दोपहिया को टक्कर मार दी। इससे 8 साल की बालिका दीपांशिका की मौत हो गई। चोवाराम व उनकी पत्नी भी बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।

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राजधानी में बढ़ रहे सड़क हादसे, दम तोड़ रहे लोग, सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

यातायात पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन साल में रायपुर जिले में कुल 1911 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 283 लोग अपनी जान गंवा बैठे और 1322 लोग घायल हुए। इस आंकड़े ने शहर में सड़क सुरक्षा के इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए है। 2023 में स्थिति और भी बदतर हो गई। 2023 में सड़क हादसों की संख्या बढ़कर 1961 हो गई। 2023 में हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 507 हो गई और 1440 लोग घायल हुए। यह वर्ष 2022 से कहीं ज्यादा है।

प्रशासन के कदम साबित हो रहे नाकाफी

2024 में हालात और बिगड़ गए। सड़क हादसों के कुल 2079 मामले सामने आए, जिनमें 594 लोगों की मौत हुई और 1495 लोग घायल हुए। यह आंकड़ा इस बात को साबित करता है कि हादसों में न सिर्फ इजाफा हुआ है, बल्कि मृतकों की संख्या भी कई गुना बढ़ी है। प्रशासन ने सड़क हादसों पर काबू पाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए हैं, लेकिन ये कदम प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं। नाकाफी लग रहे हैं।