Raipur News: राजधानी का ट्रैफिक सिग्नल और गड्ढों में शहर का ट्रैफिक रेंग रहा है। मुख्य सड़कों से लेकर रिंग रोड में आए दिन जाम की स्थिति देखने को मिलती है।
Chhattisgarh News: रायपुर। राजधानी का ट्रैफिक सिग्नल और गड्ढों में शहर का ट्रैफिक रेंग रहा है। मुख्य सड़कों से लेकर रिंग रोड में आए दिन जाम की स्थिति देखने को मिलती है। इसके चलते वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें शहर के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुंचने में 3 से 4 घंटे लगते हैं। यह स्थिति सुबह से लेकर देर शाम तक रहती है। हालांकि कुछ चौक-चौराहों में अमले को तैनात किया गया है। लेकिन, हर 500 मीटर पर सिग्नल होने से वह स्थिति को (CG Hindi News) संभाल नहीं पा रहे हैं।
बिना टाइमर के हर 500 मीटर में चल रहे सिग्नल
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यातायात को व्यवस्थित करने के लिए ट्रैफिक को लगातार डायवर्ट किया जा रहा है। शहर के भीतर सुबह से देर रात तक भारी वाहनों के लिए नो इंट्री को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए आउटर से लेकर अंदरूनी मार्गो में जवानों की तैनाती की गई है।
अवैध कब्जे से जाम
शहर के मालवीय रोड, एमजी रोड, बंजारी चौक, गोलबाजार, सदर बाजार, शास्त्री बाजार, तेलीबांधा चौक में ठेला-खोमचे वालों के कारण आए दिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इसे हटाने के लिए अभियान नहीं चलाने के कारण वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
ऑटो चालकों की मनमानी
पुलिस की नाक के नीचे ऑटो चालकों के कारण दिन सड़कें जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। लेकिन, उनके खिलाफ ट्रैफिक पुलिस का अमला चुप्पी साधकर बैठे हुए है। बिना पीयूसी और फिटनेस कराए इस समय 8000 से ज्यादा ऑटों चल रहे हैं। इसके बाद भी उनके खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। बता दें कि पिछले 2 सालों में शहर में 25 हजार से ज्यादा वाहनों का इजाफा हुआ है।
त्योहारी सीजन के शुरू होते ही परेशानी बढ़ी
त्योहारी सीजन के शुरू होते ही शहर का ट्रैफिक वाहन चालकों को परेशान करने लगा है। मालवीय रोड से कोतवाली चौक तक पहुंचने में आंधे घंटे का समय लगता है। हालांकि त्योहार के शुरू होने के बाद ट्रैफिक पुलिस नया प्रयोग करती है।
सड़कें गड्ढों में तब्दील
सड़कों के गड्ढों के तब्दील होने से शहर के किसी भी सड़क पर वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं रह गया है। आए दिन गडढों में पानी भरने के कारण लोग उसमें गिरकर घायल हो रहे है। हालात यह है कि पैदल चलना तक दूभर हो गया है।
ट्रैफिक सिग्नल सिर्फ नुमाइश के लिए
शहर में खानापूर्ति करने के लिए 25 से ज्यादा स्थानों में केवल नुमाइश के लिए ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए है। इनका कोई उपयोग तक नहीं किया जा रहा है। केवल पीली लाइटे जलाकर लाखेनगर, विवेकानंद आश्रम तिराहा, आजाद चौक, तात्यापारा चौक, महिला थाना चौक, सिध्दार्थ चौक, आकाशवाणी चौक, सिविल लाइंस (जोगी बंगला के पास) और अन्य स्थानों में सिग्नल का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है।
सख्ती होगी
ट्रैफिक सुधारने के लिए नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ट्रैफिक को सुधारने के लिए प्रयास किए जाएगें। - संजय शर्मा, एआईजी ट्रैफिक