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सरकार का ध्यान अपनी ओर खिंचने संजीवनी- महतारी कर्मियों ने लिया नेत्रदान का संकल्प

संजीवनी कर्मियों ने ईदगाहभाठा स्थित धरनास्थल पर अपनी दोनों आंखें दान करने का संकल्प लिया
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रायपुर

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Deepak Sahu

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Updated: 25 Jul 2018, 5:11 PM IST

karmchari sangh

सरकार का ध्यान अपनी ओर खिंचने संजीवनी- महतारी कर्मियों ने लिया नेत्रदान का संकल्प

रायपुर. संजीवनी व महतारी कर्मियों, कंपनी और शासन के बीच गतिरोध के बीच आम जनता सेवाओं से वंचित हो रही है। पिछले 9 दिनों से चल रही कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं का रीढ़ मानी जाने वाली संजीवनी और महतारी एंबुलेंस के पहिए थमे हुए हैं। वहीं अप्रशिक्षित कर्मियों के कारण आए दिन प्रदेश के सुदूर अंचलों से मरीजों के प्रभावित होने की सूचनाएं आ रही हैं। इसी बीच मंगलवार को संजीवनी कर्मियों ने ईदगाहभाठा स्थित धरनास्थल पर अपनी दोनों आंखें दान करने का संकल्प लिया।

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उन्होंने आंबेडकर अस्पताल अधीक्षक के नाम एक पत्र सभी कर्मियों के हस्ताक्षर के साथ मरणोपरांत नेत्रदान पर सहमति जताई। वहीं कंपनी की ओर से मंगलवार को 20 हड़ताली कर्मियों की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया। इन्हें मिलाकर अब तक कंपनी ने करीब 2500 कर्मियों में से 63 को बर्खास्त कर दिया है। कंपनी की ओर से किसी तरह से सेवाओं के संचालन का प्रयास किया जा रहा है। इसमें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कुछ ड्राइवर और इएमटी शामिल हैं।

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संजीवनी कर्मचारी कल्याण संघ अध्यक्ष राजेंद्र राठौर ने कहा कि सभी कर्मियों ने आज दोनों नेत्रदान कर शासन का ध्यान अपनी मांगों की आकर्षित करने का प्रयास किया गया। इस दौरान सभी 2500 कर्मियों ने यह संकल्प लिया। हमारा विरोध आगे भी एेसे ही जारी रहेगा।

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जीवीके के प्रवक्ता पंकज रहांगडाले ने कहा कि सभी कर्मियों को तो बर्खास्त नहीं किया जा सकता। जैसे-जैसे व्यवस्था बनती जा रही है, हड़तालियों को बर्खास्त कर नई नियुक्तियां जारी की जा रही है।

अप्रशिक्षित कर्मियों के कारण आए दिन प्रदेश के सुदूर अंचलों से मरीजों के प्रभावित होने की सूचनाएं आ रही हैं। इसी बीच मंगलवार को संजीवनी कर्मियों ने ईदगाहभाठा स्थित धरनास्थल पर अपनी दोनों आंखें दान करने का संकल्प लिया।