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सावन में गुरुवार को घर में करें ये छोटा सा उपाय, भोलेनाथ करेंगे आर्थिक तंगी को दूर

सावन के पवित्र महीने में गुरुवार के दिन शिव और बृहस्पति की कृपा पाने के लिए इन उपायों से इनकी कृपा पाई जा सकती है।

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रायपुर. ग्रहों में सबसे बड़ा ग्रह गुरु को माना जाता है। गुरु ग्रह को बृहस्पति भी कहते हैं और यह देवताओं के गुरु भी हैं। शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार का दिन धन संपदा के लिहाज से बहुत ही शुभ दायक होता है। गुरु ग्रह हमारे भाग्य के देवता होते हैं। गुरु ग्रह वैवाहिक जीवन और भाग्य के कारक ग्रह हैं।

यदि कुंडली में गुरु ग्रह का दोष हो या गुरु ग्रह नीच स्थान में हो तो दुर्भाग्य का मुख देखना पड़ता है, विवाह संबंधी परेशानियां आती हैं और शादी के बाद भी रिश्ते खराब हो जातेे हैं। लेकिन इस बार सावन महीने में पड़ने वाला गुरुवार आपका सौभाग्य बनाने में सक्षम है। सावन के गुरुवार को ही बाबा भोलेनाथ ने ताड़केश्वर का रूप धारण किया था और महिषासुर का वध किया था। इसलिए गुरुवार के दिन शिव और बृहस्पति की कृपा पाने के लिए इन उपायों से इनकी कृपा पाई जा सकती है।

सावन में सोमवार के व्रत के साथ गुरुवार का व्रत गुरु ग्रह के लिए रखें। गुरु बृहस्पति की प्रतिमा या फोटो पीले कपड़े पर विराजित करें और पूजन करें। पूजा में केसरिया चंदन, पीले चावल, पीले फूल का इस्तेमाल करें। प्रसाद के लिए पीले पकवान या फल चढ़ाएं। इस दिन पीला कपड़ा पहने। बिना नमक का खाना खाएं। भोजन में पीले रंग के पकवान का इस्तेमाल करें जैसे बेसन के लड्डू, बेसन के चिल्ले, ढोकला आदि। यदि फल का इस्तेमाल कर रहे हैं वह भी पीले रंग का हो जैसे आम, केला आदि।

साथ ही सावन के पवित्र महीने में गुरुवार को महादेव की आराधना करें। गुरुवार को भोलेनाथ को बेसन के लड्डू का भोग लगाएंगे तो इससे आपके गुरु ग्रह के दोष दूर हो जाएंगे। भक्त शिव बाबा को पीले चावल का भोग लगा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें उसमें हल्दी ना डालें। पीले चावल का मतलब केसरिया चावल का भोग लगाएं। केसर से पीले किए हुए चंदन आदि ही भोलेनाथ को चढ़ा सकते हैं और गुरु मंत्र ॐ बृं बृहस्पतए नमः का 108 बार जप करें।

इन बातों का रखें ध्यान

- गुरुवार को सूर्योदय से पहले उठे और स्नान के बाद विष्णु भगवान को घी का दीपक जलाएं और उसके बाद विष्णु सहस्त्र का पाठ करें।
- गुरुवार को शिव मंदिर में जाकर भगवान भोलेनाथ की पूजा करें। गुरुवार की शाम केले के वृक्ष के नीचे दीपक जरूर जलाएं और वृक्ष की पूजा करें और लड्डू चढ़ाएं।
- गुरुवार को पूजा के बाद केसर और चंदन का तिलक लगाएं। अगर केसर ना हो तो हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- गुरु से जुड़ी पीले वस्तुओं सोना, हल्दी, चने की दाल आदि का दान करना चाहिए।

- गुरुवार के दिन अपने माता-पिता या बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना चाहिए ऐसा करने से भाग्य प्रबल होता है और धन संपत्ति में वृद्धि होती है।
- गुरुवार की शाम गरीब बच्चों को केले का दान करें, इससे जीवन में आ रही परेशानियां और आर्थिक तंगी दूर होती है।