Sawan 2025: छत्तीसगढ़ के रायपुर सावन के आते ही राजधानी में टैटू डिजाइनों की थीम में खास बदलाव नजर आने लगा है। टैटू आर्टिस्ट अमित बसाईवाला बताते हैं, इस बार सावन में भक्तों की आस्था को टैटू की शक्ल में दर्ज करने का क्रेज जबरदस्त है।
Sawan 2025: छत्तीसगढ़ के रायपुर सावन के आते ही राजधानी में टैटू डिजाइनों की थीम में खास बदलाव नजर आने लगा है। शिव भक्ति के रंग में डूबे युवाओं की पहली पसंद बन गया है भोलेनाथ का त्रिशूल, डमरू, जटाजूट में लिपटा चेहरा, कैलाश पर्वत और %ओम नम: शिवाय% से सजी टैटू कलाकारी। इन दिनों टैटू स्टूडियो में शिवमय डिजाइनों की डिमांड काफी बढ़ गई है। टैटू आर्टिस्ट अमित बसाईवाला बताते हैं, इस बार सावन में भक्तों की आस्था को टैटू की शक्ल में दर्ज करने का क्रेज जबरदस्त है।
अमित के मुताबिक, लोगों की भावनाओं से जुड़े इन टैटू में अब कलात्मकता के साथ तकनीक का भी मेल हो रहा है। एक टैटू में शिव की आंखें बंद हैं, नीचे लिखा है %अंत: अस्ति प्रारंभ:%, तो कहीं %ओम% से निकलती ऊर्जा रेखाएं। इन टैटू डिजाइनों की सबसे खास बात यह है कि ये न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि आत्मिक शांति और व्यक्तित्व की पहचान भी बनते जा रहे हैं।
कैलाश मंदिर, ध्यानमग्न शिव, रूद्राक्ष, त्रिशूल, शिव-पार्वती की छवि जैसे डिटेल्ड टैटू अब स्किन पर जीवंत नजर आते हैं। खासकर वो टैटू जिसमें शिव की छाया मंदिर पर पड़ रही है या शिव के त्रिशूल से उभरते पंख बेहद पसंद किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि युवा अब सिर्फ परंपरागत डिजाइन नहीं, बल्कि एआई टेक्नोलॉजी से बनी इनोवेटिव डिजाइनों की मांग कर रहे हैं।