
sports news: रायपुर के ऑटो ड्राइवर की बेटी गंगा एशियाड में दिखाएगी दम
एशियन गेम्स: पहली बार खेलने जा रही भारतीय महिला सॉफ्टबॉल की 16 सदस्यीय टीम में बनाई जगह
रायपुर. छत्तीसगढ़ की महिला सॉफ्टबॉल खिलाड़ी गंगा सोना आर्थिक परेशानियों के बावजूद अपने बुलंद हौसले की बदौलत चीन के हांगझाऊ में 23 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स खेलने जा रही है। एशियाड में पहली बार भारत की महिला सॉफ्टबॉल टीम भी शिरकत कर रही है, जिसके लिए सोमवार को भारतीय सॉफ्टबॉल संघ ने 16 सदस्यीय टीम की घोषणा की। इसमें रायपुर की गंगा सोना ने भी जगह बनाने की कामयाबी हासिल की है। गंगा सोना के पिता पुरनो सोना ऑटो ड्राइवर है। गंगा ने आर्थिक समस्या को झेलते हुए भारतीय टीम तक का सफर तय किया है। गंगा सोना के अलावा रायपुर की प्रीति वर्मा ने भारतीय टीम में रिजर्व खिलाड़ी के रूप में जगह पक्की की है। गंगा व प्रीति के भारतीय टीम में चयन होने पर छत्तीसगढ़ सॉफ्टबॉल संघ ने शुभकामनाएं दी हैं।
11 नेशनल खेल चुकी गंगा
रायपुर के कुकुरबेड़ा की गंगा सोना अब तक 11 बार राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उसके नाम कई पदक भी हैं। उसके प्रशिक्षक ओपी शर्मा और भृपेंद्र साहूू ने बताया कि गंगा सोना ने गुजरात में आयोजित किए गए नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
कड़े परिश्रम से पहुंची इंडिया टीम तक
प्रशिक्षक ओपी शर्मा ने बताया कि गंगा काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। नेशनल गेम्स, नेशनल चैंपियनशिप और फेडरेशन कप टूर्नामेंट में उसके किए गए प्रदर्शन के आधार पर उसका चयन इंडियन सॉफ्टबॉल टीम चयन ट्रायल के लिए हुआ, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद कारण उसका चयन 15 दिवसीय इंडिया कैंप के लिए चयनित संभावित टीम में किया गया। इंडिया कैंप के प्रदर्शन के आधार पर गंगा सोला को भारतीय संघ ने भारतीय दल में शामिल किया है।
भारतीय टीम टीम: गंगा सोना (छत्तीसगढ़), ऐश्वर्य पुरी, ऐश्वर्य बोडके, मोनाली नातू, स्वप्निल वेनाडे, साई जोशी, अंजलि पल्लिकारा, स्टेफी साजी, ङ्क्षरटा चेरियन, ममता, ममता मिन्हास, संदीप कौर, कुमारी मनीषा, ईशा, स्वेतासिनी साबर व नित्या मालवी। प्रियंका बघेल (स्टैंडबॉय)। रिजर्व खिलाड़ी: मनीषा कुमारी, प्रीति वर्मा (छत्तीसगढ़) व चित्रा।
क्या हैं इस खेल के नियम?
मैदान में चार बेस होते हैं। बैटर को गेंद को हिट करने के बाद इन चारों बेस को कवर करना पड़ता है। इस दौरान सर्वाधिक रन बनाने वाली टीम विजेता बनती है। चारों बेस कवर करने के बीच प्रतिद्वंद्वी कैचर और बैटर के बीच होड़ मचती है।
1926 में बना सॉफ्टबॉल
इस खेल की उत्पत्ति वैसे तो 1887 में अमरीका से मानी जाती है। ग्यारेट एमीज जॉर्ज व फॉड जॉर्ज ने इस खेल को शुरू किया और इसे लोकप्रिय बनाने की दिशा में कदम उठाए। इसे पहले इंडोर बेसबॉल के नाम से जाना जाता था। 1926 में इसे सॉफ्टबॉल का नाम दिया गया।
Published on:
25 Jul 2023 01:34 am
