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कथावाचक का 15 लाख बकाया का आरोप, मंत्री बोले- विभाग ने आवेदन खारिज किया, विधानसभा के बाहर आत्मदाह की चेतावनी

Political News: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के गृहग्राम में लखनपुर (अंबिकापुर) में श्रीमद्भागवत कथा के भुगतान को लेकर प्रदेश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने शनिवार को एक वीडियो जारी कर विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दे दी।

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Minister Rajesh Agrawal

Minister Rajesh Agrawal oath ceremony (Photo- Video grab)

CG Political News: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के गृहग्राम में लखनपुर (अंबिकापुर) में श्रीमद्भागवत कथा के भुगतान को लेकर प्रदेश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने शनिवार को एक वीडियो जारी कर विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दे दी। उनका आरोप है कि प्रदेश के संस्कृति मंत्री ने उनसे कथा करवाने के बाद करीब 15 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया। कथावाचक का कहना है कि 2 से 9 जनवरी 2026 तक अंबिकापुर के लखनपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन उन्होंने किया था।

कथा समाप्त होने के बाद से ही वे भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक राशि नहीं मिली है। इस मामले को कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर सरकार से जवाब मांगा, जिसके बाद विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया है। अब इस पूरे मामले में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पत्रिका से बातचीत में आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।

उनका कहना है कि आयोजन समिति की ओर से एक पत्र आया था, जिस पर उन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत टिप्पणी लिखकर आवेदन आगे बढ़ा दिया। बाद में विभाग ने पाया कि किसी भी धार्मिक कथा के लिए बजट का प्रावधान नहीं है। इसलिए आवेदन निरस्त कर दिया। इसके बाद कथावाचक उनसे व्यक्तिगत रूप से पैसे की मांग कर रहे हैं, जबकि मैं कथा में एक भी दिन नहीं गया।

क्या है पूरा विवाद?

कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के संस्कृति मंत्री ने उनसे अंबिकापुर के लखनपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करवाया, लेकिन करीब 15 लाख रुपए का भुगतान अब तक नहीं किया। कथावाचक का कहना है कि 2 से 9 जनवरी 2026 तक आयोजित इस कथा के बाद से वे लगातार राशि की मांग कर रहे हैं। भुगतान नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने वीडियो जारी कर विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। कांग्रेस नेता धनंजय ङ्क्षसह ठाकुर ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया।

मंत्री का पक्ष

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कथावाचक के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। मंत्री के अनुसार आयोजन को संस्कृति विभाग ने स्वीकृति ही नहीं दी।

धीरेंद्र शास्त्री को प्लेन में बैठाते हैं, छत्तीसगढ़ के कथावाचक का अपमान

इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता धनंजय ठाकुर ने वायरल वीडियो पर पलटवार करते हुए कहा कि एक ओर राज्य सरकार दूसरे राज्य के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री को प्लेन में बिठाकर सैर कराती है, बुलाती है। वहीं, छत्तीसगढ़ के कथावाचकों का पैसा नहीं दिया जा रहा है। यह शर्मनाक स्थिति है।

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