
रायपुर. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के अधीनस्थ महाविद्यालयों में पढऩे वाले छात्रों ने स्कॉलरशिप के लिए नेशनल पोर्टल से आवेदन किया था। आवेदन फार्म भरने के बाद आवेदनकर्ताओं के फार्म महाविद्यालयों में पहुंचा, तो निरस्त हो गया। अभ्यर्थियों ने अपना आवेदन फार्म चेक किया, तो उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई।
अपना आवेदन फार्म दुरुस्त कराने के लिए छात्र महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रबंधन की लापरवाही से उनका स्कॉलरशिप फार्म रिजेक्ट हुआ है। अब प्रबंधन के जिम्मेदार प्राचार्य से हस्ताक्षर करके फार्म दोबारा अपलोड करने की बात कह रहे हैं, लेकिन इस स्थिति दोबारा फार्म रिजेक्ट होने के आसार शत प्रतिशत है।
16 प्रकार की स्कॉलरशिप मिलती है छात्रों को
इच्छुक और योग्य विद्यार्थियों के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल में १६ प्रकार की छात्रवृत्ति छात्रों के लिए अपलोड की गई है। एनसीपी पोर्टल में 16 प्रकार की छात्रवृत्तियों का नाम अपलोड किया गया है। इनमें से अधिक छात्रवृत्ति योजना मैट्रिक स्तर के ही हैं।
स्टूडेंट्स, छात्रवृत्ति के लिए योग्यता, छात्रवृत्ति राशि, डाक्यूमेंट्स, आवेदन आदि समेत तमाम जानकारियां फार्म के साथ अपलोड करनी होती है। सभी दस्तावेज संबंधित महाविद्यालयों में वेरीफिकेशन के लिए जाता है। अभ्यर्थियों का फार्म विश्वविद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से अटक गया है। अब प्रबंधन के जिम्मेदार छात्रों को जवाब भी नहीं दे पा रहे हैं।
10 हजार सालाना मिलती है स्कॉलरशिप
राजधानी के महाविद्यालयों में पढऩे वाले सैकड़ों छात्रों के फार्म इस बार रिजेक्ट हुए है। पत्रिका के संपर्क में 50 से ज्यादा अलग-अलग कॉलेजों के अभ्यर्थी है, जिन्होंने फार्म रिजेक्ट होने की जानकारी दी है। अभ्यर्थियों ने बताया कि सालाना 10हजार रुपए स्कॉलरशिप छात्रवृत्ति के तहत मिलना तय था, लेकिन प्रबंधन की लापरवाही से इस योजना पर पानी फिर गया है। अब दोबारा फार्म भरेंगे, तो वो 420 की श्रेणी में आएगा और ऑटोमेटिक रिजेक्ट हो जाएगा। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल में टोलफ्री नंबर अपलोड है, लेकिन इस नंबर से भी छात्रों को मदद नहीं मिल पा रही है।
छात्रों के स्कॉलरशिप फार्म प्रबंधन द्वारा जानबूझकर रिजेक्ट नहीं किया गया है। मामला क्या है, मैं पूरी तरह से पता लगवाता हूं। छात्रों की समस्या का समाधान हो, इसलिए अधीनस्थ महाविद्यालयों से भी बात की जाएगी।
-सुपर्णसेन गुप्ता, मीडिया प्रभारी, रायपुर
Published on:
29 Oct 2020 10:56 pm
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