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MD-MS Admission: छत्तीसगढ़ के छात्रों को बड़ा झटका! विवाद के चलते खाली जा रहीं PG मेडिकल सीटें

MD-MS Admission: MD-MS एडमिशन प्रक्रिया में बाहरी छात्रों को सीटें आवंटित होने से कई सीटें ब्लॉक हो रही हैं। विवाद के चलते दूसरे राज्यों के छात्र एडमिशन नहीं ले रहे, जिससे सीटें लैप्स होने का खतरा बढ़ गया है।

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एमडी-एमएस की सीटों को कर रहे ब्लॉक (photo source- Patrika)

एमडी-एमएस की सीटों को कर रहे ब्लॉक (photo source- Patrika)

MD-MS Admission: बाहरी छात्रों को सीटें आवंटित करने से एमडी-एमएस की सीेटें ब्लॉक होने लगी हैं। आखिरी राउंड में भी ऐसा हुआ तो काफी सीटें लैप्स होने की आशंका बढ़ गई है। दरअसल, विवाद के कारण आवंटन के बाद भी दूसरे राज्यों के छात्र एडमिशन नहीं ले रहे हैं। इस कारण यह सीटें खाली रह जा रही हैं और अगले राउंड में चली जा रही हैं। दूसरे राउंड की मेरिट सूची में 56 विद्यार्थियों के नाम हैं, जो न छत्तीसगढ़ के मूल निवासी है और न उन्होंने प्रदेश से एमबीबीएस किया है। इन छात्रों को सीटें मिलनी तय हैं।

MD-MS Admission: स्थानीय छात्रों को हो रहा नुकसान

पहले राउंड में सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में दूसरे राज्यों के 14 में केवल एक छात्र ने एडमिशन लिया था। इस ट्रेंड को मानें तो अगले राउंड में भी सीटें आवंटित होने के बाद छात्र प्रवेश नहीं लेंगे। इससे सीटें ब्लॉक होंगी। यही ट्रेंड चला तो आखिरी राउंड के बाद बची सीटें लैप्स हो जाएंगी। इससे न केवल प्रदेश, बल्कि छात्रों का भी बड़ा नुकसान होगा। छात्रों के प्रवेश लेने की स्थिति में भी स्थानीय छात्रों को नुकसान हो रहा है।

दरअसल किसी भी राज्य में दूसरे राज्यों के छात्रों के लिए स्टेट ओपन कोटा नहीं है। प्रदेश में यह यूनिक प्रयोग अधिकारियों की छत्रछाया में हो रहा है। मामला हाईकोर्ट में है इसलिए मेरिटोरियस छात्र यहां प्रवेश लेने के बजाय अपने राज्य में दाखिला ले रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिकाकर्ताओं को यह कह दिया कि जब मामला हाईकोर्ट में है तो वहीं जाइए। हाईकोर्ट में मार्च में सुनवाई है, तब तक पीजी कोर्स में प्रवेश हो चुका होगा। इस साल पीजी कोर्स में एडमिशन की आखिरी तारीख 31 जनवरी है।

मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 326 सीटें खाली

पहले राउंड की काउंसिलिंग के बाद प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 326 सीटें खाली हैं। इनमें स्टेट ओपन कोटे के लिए 147 व स्टेट इंस्टीट्शनल कोटे के लिए 131 सीटें खाली हैं। वहीं, एनआरआई की 38 सीटें खाली हैं, जिनमें 20 ओपन व 18 इंस्टीट्शनल कोटे की हैं।

इन सीटों में प्रवेश के लिए नीट पीजी क्वालिफाइड छात्रों को फिर से रजिस्ट्रेशन व च्वाइस फिलिंग करने का समय दिया गया था। इसलिए दूसरे राउंड की मेरिट सूची में 728 छात्रों के नाम हैं। मेरिट सूची बुधवार को जारी होने की संभावना है। सबसे आश्चर्य करने वाली रायगढ़ की पीडियाट्रिक की एमडी सीट है, जिसमें स्टेट ओपन कोटे के लिए 50 फीसदी रिजर्व कर दिया गया है।

दूसरे राउंड के लिए 326 सीटें खाली

MD-MS Admission: पहले राउंड की काउंसिलिंग के बाद प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 326 सीटें खाली हैं। इनमें स्टेट ओपन कोटे के लिए 147 व स्टेट इंस्टीट्शनल कोटे के लिए 131 सीटें खाली हैं। वहीं, एनआरआई की 38 सीटें खाली हैं, जिनमें 20 ओपन व 18 इंस्टीट्शनल कोटे की हैं।

इन सीटों में प्रवेश के लिए नीट पीजी क्वालिफाइड छात्रों को फिर से रजिस्ट्रेशन व च्वाइस फिलिंग करने का समय दिया गया था। इसलिए दूसरे राउंड की मेरिट सूची में 728 छात्रों के नाम हैं। मेरिट सूची बुधवार को जारी होने की संभावना है। सबसे आश्चर्य करने वाली रायगढ़ की पीडियाट्रिक की एमडी सीट है, जिसमें स्टेट ओपन कोटे के लिए 50 फीसदी रिजर्व कर दिया गया है।

पहले राउंड के बाद खाली सीटों को भरने के लिए पहले मेरिट सूची जारी की गई है। जल्द ही आवंटन सूची जारी की जाएगी। नियमानुसार सीटों का आवंटन भी किया जा रहा है। मामला हाईकोर्ट में है इसलिए हमें फैसले का इंतजार करना होगा- रितेश अग्रवाल, कमिश्नर मेडिकल एजुकेशन

दूसरे राज्यों के छात्रों को स्टेट कोटे के तहत प्रवेश देने का नियम ही गलत है। अगर ऐसा नियम बनाया गया है तो सीटों का आवंटन करने के बाद भी छात्र प्रवेश नहीं ले रहे हैं तो आखिरी राउंड में सीटें खाली रहेंगी। जो लैप्स हो जाती हैं और इसे भरने का दोबारा मौका नहीं मिलता। इससे स्थानीय छात्रों का बड़ा नुकसान है- डॉ. विष्णु दत्त, रिटायर्ड डीएमई