शुरुआत कंप्यूटर ऑन-ऑफ करने और कीबोर्ड की पहचान से हुई। धीरे-धीरे बच्चों ने हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग, इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस (Microsoft Office) पर काम करना, आवेदन पत्र तैयार करना, ऑनलाइन फॉर्म भरना और डिजिटल दस्तावेज तैयार करना सीख लिया। आज स्कूल के अधिकांश विद्यार्थी ये सभी कार्य आत्मविश्वास के साथ कर रहे हैं। डिजिटल शिक्षा (Digital Education) ने न केवल उनका तकनीकी ज्ञान बढ़ाया है, बल्कि आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उनकी सोच भी बदल दी है।