
‘द क्रॉफ्ट स्टोरी: बस्तर आर्ट’ (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: बस्तर की पारंपरिक ढोकरा आर्ट अब वैश्विक पहचान पा चुकी है। दुनिया के सबसे प्राचीन क्रॉफ्ट फॉर्म्स में गिने जाने वाले इस कला रूप को रायपुर के तेलीबांधा स्थित ‘द क्रॉफ्ट स्टोरी: बस्तर आर्ट’ में एक नया ठिकाना मिला है। यहां लगभग 700 डिजाइन मौजूद हैं, जो संभवत: देश का पहला ढोकरा आर्ट स्टोर रूम है।
स्टोर के ओनर सुधाकर सिंह,जो 1992 बैच के जीईसी रायपुर एलुमनाई हैं, ने बताया, 22 साल पहले जब हमने ढोकरा आर्ट पर काम शुरू किया था, तब सिर्फ 20-25 डिजाइन थीं। समय के साथ नई डिजाइनों को जोड़ा और आज यह संख्या 700 तक पहुंच चुकी है। सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ कला बेचना नहीं, बल्कि हर क्रॉफ्ट के जरिए भारत की सांस्कृतिक जड़ों को जीवित रखना है।
उन्होंने बताया कि डिजाइनों में विविधता लाने के लिए उन्होंने पुरानी किताबों, संग्रहालयों और दुर्लभ आर्ट कलेक्शन्स का अध्ययन किया। यहां तक कि जिन ढोकरा आर्ट पीस की कभी स्मगलिंग हुई थी, उनकी तस्वीरों को ढूंढकर उन्हें फिर से डिजाइन किया गया। सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में रखे ढोकरा आर्ट की कॉपी भी उनके स्टोर में उपलब्ध है, जिसे उसी कलाकार ने आकार दिया है।
दिवाली स्पेशल कलेक्शन के रूप में इस बार गणपति विद दीया शृंखला लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। लाल और सुनहरे रंगों में बने इन कॉफ्ट्स पर की गई पेंटिंग दर्शकों को खूब लुभा रही है। स्टोर में ढोकरा आर्ट के अलावा अन्य पारंपरिक क्रॉफ्ट भी मौजूद हैं । इसमें तमिलनाडु का वगईवुड, मैसूर इनले पेंटिंग, गोंड आर्ट, बंगाल की काली आर्ट, लद्दाख का बौद्धिस्ट क्रॉफ्ट और नेपाल की तुरही शामिल हैं। जिसे बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है।
Updated on:
19 Oct 2025 01:16 pm
Published on:
19 Oct 2025 01:14 pm
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