
चना की फसल को फायदा पहुंचाने सरकार ने कनाडा, यूक्रेन से मटर आयात पर लगाई रोक
रायपुर. आमतौर पर खड़ी मटर की कीमतें सस्ती रहती है, लेकिन राजधानी में हरा व सफेद मटर की कीमतें राहर दाल से भी महंगा हो चुका है। वर्तमान में ग्राहकों को दालों की कीमतों से राहत तो मिली हुई है, लेकिन मटर अब धीरे-धीरे थाली से गायब होता जा रहा है।
इसकी बड़ी वजह यह है कि राजधानी में मुंबई, कोलकाता, चेन्नई बंदरगाह के जरिए विदेशों से आने वाला मटर अब आना बंद हो चुका है। केंद्र सरकार ने मटर आयात पर 31 दिसंबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। कारोबारियों का कहना है कि चने की फसल और उत्पादन को फायदा पहुंचाने के लिए मटर का आयात बंद किया गया है।
मटर आयात बंद होने की वजह से चने की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। वर्तमान में थोक की कीमतों में रोजाना 100 से 200 रुपए क्विंटल का इजाफा हो रहा है।
बीते ३ दिनों के भीतर मटर की कीमतों में 500 से 600 रुपए क्विंटल तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। मटर के महंगे होने से सीधे तौर पर चने को फायदा हो रहा है। मटर आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाने से कीमत थोक में 30 रुपए प्रति किलो पर आ सकती थी, अब थोक में 54 से 65 रु. है।
दाम पर एक नजर
दाल/दलहन रु/प्रति क्विं.
राहर दाल 5000-6500
उड़द दाल (धुली) 4600-5600
उड़द दाल (छिलका) 4000-5000
चना दाल 5400-6500
मसूर दाल 4500-5200
काबुली चना- 5500-8000
मूंग दाल (धुली) 5600-6500
मूंग दाल (छिलका) 6200-6800
मटर (हरी) 7500-8000
मटर दाल (सफेद) 5000-5500
(नोट-आंकड़े थोक कारोबारियों के मुताबिक)
यहां से आता है मटर
राजधानी में मुंबई, कोलकाता, चेन्नई बंदरगाह के जरिए कनाडा, यूक्रेन, रशिया, तंजानिया आदि देशों से मटर आयात किया जाता है।
मटर आयात पर प्रतिबंध लग चुका है। इससे चना व किसानों को लाभ मिलेगा। जानकारी के मुताबिक चना उत्पादन बेहतर होने की वजह से किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है।
गोपालकृष्ण अग्रवाल, अध्यक्ष, रायपुर दाल-मिल एसोसिएशन
Published on:
06 Oct 2018 09:24 am
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