
छत्तीसगढ़ में ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए खुलेंगे रास्ते (photo Patrika)
CG News: राज्य सरकार ने अपनी लॉजिस्टिक नीति लागू कर दी है। इससे छत्तीसगढ़ में ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए रास्ते खुलेंगे। इसके साथ ही किसानों को सस्ती भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज और गोदाम के निर्माण में मदद मिलेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दो दिन पूर्व भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार बढ़ाने को लेकर हुए समझौते का फायदा छत्तीसगढ़ को भी होगा।
लॉजिस्टिक नीति में ऐसे कई प्रावधान हैं, जिससे विदेश कंपनियां निवेश के लिए आकर्षित होंगी। इससे आने वाले समय में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस नीति में अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विज़न ञ्च2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए, राज्य को देश के एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने एवं राज्य के समग्र विकास के दृष्टिकोण से इस नीति के प्रावधान किए जा रहे हैं। इस नीति का एक प्रमुख उद्देश्य यह है।
लॉजिस्टिक्स संचालन को अधिक लागतकुशल और प्रतिस्पर्धी बनाया जाए, ताकि राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में लॉजिस्टिक्स लागत को घटाया जा सके। उच्च लॉजिस्टिक्स लागत व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास में बाधक हो सकती है। इसके साथ ही नीति में अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स और मल्टीमोडल अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता में रखा गया है। इसके तहत विभिन्न प्रकार की लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जो राज्य की लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत करेंगी और व्यापार के संचालन को सुगम बनाएंगी।
नीति के अनुसार राज्य और जिला स्तर पर अलग-अलग समिति गठित की जाएगी। राज्य स्तर पर गठित समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। वहीं जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनेगी।
इस नीति में निर्यात प्रोत्साहित करने की दृष्टि से ड्राइ पोर्ट/इन्लैन्ड कन्टेनर डिपो स्थापित किया जाएगा। वन आधारित संसाधन, वनोपज एवं वनौषधि उत्पादों के निर्यात के लिए इको सिस्टम तैयार किया जाएगा। रोजगार के अवसर में वृद्धि कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। भण्डारण सुविधा में वृद्धि राज्य को लॉजिस्टिक एवं वेयर हाउसिंग के क्षेत्रीय हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
लॉजिस्टिक्स का आशय उत्पादन और उपभोग बिन्दुओं के बीच माल के परिवहन, हैण्डलिंग, भण्डारण, मूल्य संवर्धन एवं अन्य सम्बध्द सेवाओं से है। लॉजिस्टिक्स के घटक अंतर्गत सामान एवं वस्तुओं के परिवहन की व्यवस्था, वेयर हाउस/कोल्ड स्टोरेज द्वारा भण्डारण, लिफटिंग, मटेरियल हैण्डलिंग, वेव्रिज, ग्रेडिंग, छंटाई, पैकेजिंग तथा वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था सम्मिलित है।
बस्तर-सरगुजा क्षेत्र में वनांचल आधारित कई प्रोडेक्ट है, जिनके निर्यात की बहुत संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए इस नीति में प्रावधान किया गया है कि यदि इन दोनों संभाग में ड्राई पोर्ट या कार्गो टर्मिनल की स्थापना की जाती है, तो 10 फीसदी अतिरिक्त निवेश प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा स्थायी पूंजी निवेश में ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट जैसे अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
नई लॉजिस्टिक नीति में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इससे छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास में तेजी आएगी। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।-लखन लाल देवांगन, उद्योग मंत्री
Updated on:
26 Jul 2025 08:46 am
Published on:
26 Jul 2025 08:46 am
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