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अब 13 को होगी करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी विमल जैन की पेशी, नहीं आई पुलिस डायरी

करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी रविभवन के मालिक विमलचंद जैन और उनके बेटे वैभव जैन को बिलासपुर पुलिस रायपुर लेकर पहुंची

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Thugs Of Chhattisgarh

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रायपुर . करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी रविभवन के मालिक विमलचंद जैन और उनके बेटे वैभव जैन को बिलासपुर पुलिस रायपुर लेकर पहुंची। इसके बाद सीजेएम आनंद प्रकाश दीक्षित के न्यायालय में पेश किया गया।

दोनों के पेश होने के बाद तेलीबांधा पुलिस केस डायरी पेश नहीं कर पाई। इस कारण मामले की सुनवाई नहीं हुई और आरोपियों की पेशी आगे बढ़ गई। अब दोनों को 13 अप्रैल को पेश किया जाएगा।

दरअसल तेलीबांधा थाने में पुणे के कारोबारी रूपेश सराफ ने विमल, वैभव, वरुण और वर्षा जैन के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। इस मामले में पुणे और मुंबई के उनके रिश्तेदार भी शामिल हैं। अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस केस डायरी लेकर मुंबई चली गई है। इस कारण कोर्ट में कुछ नहीं हो पाया। विमल व उसके बेटे वैभव को पुलिस ने न्यायाधीश के समक्ष पेश किया। केस डायरी के अभाव में सुनवाई नहीं हो सकी। अगली पेशी के दौरान सुनवाई होगी। पुलिस दोनों को सडक़ मार्ग से लेकर रायपुर पहुंची। दोपहर करीब १ बजे रायपुर पहुंचे। इसके बाद दोपहर ३ बजे उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद दोनों को वापस बिलासपुर ले जाया गया।

इससे पहले बिलासपुर जेल में विमलचंद और वैभव की तबीयत खराब हो गई थी। इस कारण दोनों तेलीबांधा थाने के मामले में न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पाए थे। आरोपियों ने न्यायालय में तबियत खराब होने की सूचना दी थी। इस कारण दोनों को रायपुर न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका था। इस बार पुलिस केस डायरी पेश नहीं कर पाई है।

तेलीबांधा थाने में विमलचंद, वैभव के अलावा वरुण और वर्षा के खिलाफ भी अपराध दर्ज हैं। विमल और वैभव बिलासपुर जेल में बंद हैं, लेकिन वरुण फरार है। वर्षा जैन को हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है। वरुण और वैभव के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक वारंट जारी है। इन मामलों में भी दोनों की गिरफ्तारी होनी है। सतना और कोलकाता से भी स्थायी गिरफ्तारी वारंट है। इन मामलों में भी आरोपियों होनी है।

आरोपियों के खिलाफ लेन-देन में धोखाधड़ी दो मामलों के अलावा और कई शिकायतें हैं। इन मामलों की भी पुलिस जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि विमलचंद और उनके बेटों के खिलाफ कई शिकायतें विभिन्न थानों में की गई है। ये मामले जांच के नाम पर थानों में अटके पड़े हैं। बताया जाता है कि आरोपियों के रसूख के चलते जांच आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसी स्थायी गिरफ्तारी वारंटी होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई।

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