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सर्व आदिवासी समाज का फैसला, अब हर गांव में होगी पत्थलगड़ी

पत्थलगड़ी के आरोप में जेल में बंद 25 आदिवासियों की नि:शर्त रिहाई के लिए सर्व आदिवासी समाज 15 मई को सडक़ों पर उतरेगा

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सर्व आदिवासी समाज का फैसला, अब हर गांव में होगी पत्थलगड़ी

रायपुर . उत्तर छत्तीसगढ़ से उठा पत्थलगड़ी आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलने की राह पर है। सर्व आदिवासी समाज ने बुधवार को राजधानी में एक बैठक कर प्रदेश के प्रत्येक गांव में पत्थलगड़ी करने का फैसला किया। समाज के कार्यकारी अध्यक्ष बीएस रावटे ने बताया, 12 और 13 मई को सामान्य क्षेत्रों के भी आदिवासी बहुल गांवों में पारंपरिक ग्रामसभा होगी। इसमें पत्थलगड़ी करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उनका कहना था उनकी बात सर्व समाज के प्रतिनिधियों से भी हुई है, कई सामान्य गांवों में भी पत्थलगड़ी करने पर सहमति बनी है। सामान्य गांवों में पांचवी अनुसूची की जगह ग्रामसभा के संविधानिक अधिकारों का उल्लेख होगा।

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संगठन के संरक्षक और पूर्व सांसद सोहन पोटाई ने कहा, पत्थलगड़ी आदिवासी परम्परा का हिस्सा है। पोटाई ने कहा, शासन-प्रशासन पत्थलगड़ी को धर्मांतरण से जोड़ रहा है, जो हास्यापस्पद है। उन क्षेत्रों में उरांव लोग तो पहले ही धर्मांतरण कर चुके हैं, अब वहां किसका धर्मांतरण हो रहा था। बैठक में समाज के अध्यक्ष बीपीएस नेताम, महामंत्री नवल सिंह मंडावी, जयलक्ष्मी ठाकुर, कमला नेताम, शिशुपाल सोरी आदि शामिल हुए।

रिहाई के लिए 15 को जेल भरो आंदोलन : पत्थलगड़ी के आरोप में जेल में बंद 25 आदिवासियों की नि:शर्त रिहाई के लिए सर्व आदिवासी समाज 15 मई को सडक़ों पर उतरेगा। प्रदेश भर में प्रदर्शन और चक्काजाम कर गिरफ्तारी दी जाएगी। आदिवासी नेताओं ने कहा, सरकार संविधान पर आस्था रखने वालों को भी देशद्रोही साबित करने में लगी हुई है। उनपर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एेसा नहीं होने दिया जाएगा।

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समाज ने मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के पत्थलगड़ी करने वालों के सिर कुचलने वाले बयान की निंदा की। सोहन पोटाई ने कहा, मुख्यमंत्री क्या आदिवासियों का सिर कुचलना चाहते हैं। समाज ने 12 मई से शुरू हो रही विकास यात्रा का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।