
Chhattisgarh Raj Utsav 2022: रायपुर. छत्तीसगढ़ में 1 नवम्बर से होने वाली राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में भी आरक्षण की कटौती की छाया नजर आ सकती है। आदिवासी समाज के एक वर्ग ने इस आयोजन का बहिष्कार किया है। 1 से 3 नवम्बर के बीच मंत्री, सांसद और विधायकों के निवास के बाहर नागड़ा बजाकर विरोध जताने का फैसला लिया गया है।
बीएस रावटे वाले सर्व आदिवासी समाज ने आदिवासी नृत्य महोत्सव के बहिष्कार का फैसला लिया है। जबकि इस महोत्सव में नौ देशों के अलावा राज्यों के आदिवासी समाज के कलाकार और प्रतिनिधि शामिल होंगे। रावटे का कहना है, समाज के सामूहिक निर्णय के आधार पर 15 नवंबर को पूरे प्रदेश में आर्थिक नाकेबंदी एवं रेल रोको, मालवाहक वाहन रोको का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा, प्रदेश में 32 परसेंट आरक्षण खत्म हो जाने के कारण आदिवासी समाज में आक्रोश व्याप्त है। जिसकी वजह से दिनांक 1 नवंबर से 3 नवंबर तक जिलों में राज्योत्सव और आदिवासी नृत्य समारोह के विरोध प्रकट किया जाएगा। उन्होंने कहा, आदिवासियों के साथ बहुत बड़ा धोखा हो रहा है वर्ष 2001 से 2012 तक वैसे भी 12 फीसदी आरक्षण कम मिला। मुख्यमंत्री सिर्फ आश्वासन देते रहे हैं और हमारे मंत्री-विधायक बोल भी नहीं पा रहे हैं।
एक वर्ग सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में
भरत सिंह वाले सर्व आदिवासी समाज ने पिछले दिनों राजधानी में बैठक की थी। इसमें तीन मंत्रियों के अलावा आदिवासी विधायक भी शामिल हुए थे। इसमें मंत्रियों ने आरक्षण कम होने के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। साथ ही फैसला लिया गया था कि आरक्षण कटौती के विरोध में समाज भी लड़ाई लड़ेगा और सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा। इसके लिए समाज ने तीन अलग-अलग कमेटी का गठन भी किया था।
Published on:
27 Oct 2022 11:39 am
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