28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO: सेक्स सीडी कांड: विनोद वर्मा के जेल से छूटने के बाद मुख्यमंत्री ने दिया ये बड़ा बयान

न्यायालय का आदेश मिलने के बाद वर्मा को रायपुर केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया।

2 min read
Google source verification
CG news

रायपुर . मंत्री के कथित सेक्स सीडी मामले में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा गुरुवार शाम जेल से रिहा हो गए। सीबीआई के विशेष न्यायधीश शांतनु देशलहरे ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। 60 दिनों की तय सीमा में वर्मा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने में पुलिस और सीबीआई की नाकामी जमानत का आधार बनीं। न्यायालय का आदेश मिलने के बाद वर्मा को रायपुर केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल उन्हें अपनी गाड़ी में लेकर घर के लिए रवाना हुए। विनोद वर्मा ने कहा, वे जांच में सहयोग कर रहे हैं, जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी सब कुछ साफ हो जाएगा। वर्मा का कहना था कि वीडियो क्लिप रखने के पीछे उनकी कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी। वे सिर्फ पत्रकारिता कर रहे थे। उनका कहना था कि देश के चार बड़े सम्पादकों को उन्होंने इस वीडियो क्लिप की जानकारी दी थी। वर्मा ने आरोप लगाया कि वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दे रहे थे। उससे घबराई सरकार ने झूइे मामलें में फंसाया है। वर्मा ने बताया कि उन्होंने अंतागढ़ से लेकर झीरम से जुड़े तथ्यों की जानकारी सीबीआई को दे दी है।

दो महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी

रायपुर की पंडरी थाना पुलिस ने 27 अक्टूबर की शाम अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सेक्स सीडी के नाम पर ब्लैकमेलिंग और धमकी की शिकायत दर्ज की थी। 27-28 अक्टूबर की रात रायपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित घर से विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया था। दावा किया गया कि उनके पास अश्लील क्लिपिंग वाली 500 सीडी थी। कुछ दिन पुलिस रिमांड पर देने के बाद अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया गया।

भूपेश ने बताया आंशिक जीत
कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने वर्मा को मिली जमानत को आंशिक जीत बताया। उनका कहना था कि मामले को फर्जी तथ्यों के आधार पर गढ़ा गया है। उनका कहना था कि विनोद वर्मा इस मामले में बेदाग छूटेंगे।

मुख्यमंत्री बोले, जिसने गलती की है सजा मिलेगी
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा जमानत से हार-जीत का फैसला नहीं होता। सीबीआई के पास सारे तथ्य और प्रमाण हैं, उसके आधार पर न्यायालय फैसला करेगा। उन्होंने कहा, वे किसी का नाम नहीं लेना चाहते, लेकिन जिसने गलती की है, उसे सजा जरूर मिलेगी।