
Raipur News: एमबीबीएस के छात्रों को एंटी रैगिंग कमेटी को शपथपत्र देना होगा कि उनके साथ रैगिंग नहीं की गई। इसके लिए उन्हें एंटी रैगिंग कमेटी की वेबसाइट में जाकर सभी जानकारी सही सही भरनी होगी। हाल में नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला आया था, जिसमें चार छात्रों को एक माह व 10 दिनों के लिए सस्पेंड किया गया था।
एडमिशन के समय छात्रों को रैगिंग नहीं करने संबंधी शपथपत्र भरकर देना होता है। यह सभी छात्रों के लिए अनिवार्य भी है। फर्स्ट ईयर के छात्र किराए के मकान में रहते हैं। ऐसे में उन्हें पैदल कॉलेज आना पड़ता है। इस दौरान रैगिंग होने की संभावना बनती है। सामान्यत: सेकंड ईयर या इससे सीनियर छात्र फर्स्ट ईयर के छात्रों के साथ रैगिंग करते हैं।
कॉलेज में सीनियर का जूनियर छात्रों के साथ इंट्रोडक्शन सामान्य है। जब कोई सीनियर जूनियर छात्र को ज्यादा ही प्रताड़ित करे या तंग करे तो यह रैगिंग की श्रेणी में आता है। छात्र चाहे तो वेबसाइट के माध्यम से या टोल फ्री नंबर से भी रैगिंग की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अब कोई छात्र लिखित शिकायत भी नहीं करता, बल्कि ऑनलाइन करता है। अगर कोई मामला आए तो उन्हें आपसी समझाइश भी दे दी जाती है।
छात्रों के पैरेंट्स को बुलाकर समझाइश भी दी गई थी कि उनका पुत्र अनुशासन के खिलाफ नहीं जाएगी। रैगिंग जैसी गतिविधियों में शामिल होने पर टर्मिनेट करने की चेतावनी भी दी गई थी।
Updated on:
21 Mar 2025 09:15 am
Published on:
21 Mar 2025 09:15 am
