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Leopard Attack: तेंदुए के हमले से महिला घायल, घरों से बाहर आने में भी डर रहे लोग…

Leopard Attack: महिला पर तेंदुए के हमले से ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि गांवों में तेंदुए विचरण कर रहे हैं। घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए भेजा गया है।

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Leopard-Attack

Leopard-Attack: ग्रामीण इलाके में तेंदुए का आतंक, महिला पर जानलेवा हमला

Leopard Attack: घटना छुरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरायपाली का है। जहां शनिवार को तुलसी बाई पति स्व. जेठूराम गोंड़ सुबह लगभग 5.30 बजे अपने खेत जा रही थी। तभी तेंदुए ने उस पर अचानक हमला कर दिया, जिससे महिला बुरी तरह ज़मी हो गई। जिसे देखने के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए को खदेड़ा और उन्हें स्वास्थ्य केंद्र छुरा उपचार के लिए भेजा गया।

महिला की उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है। वहीं वन अमला भी तुरंत घटना स्थल पहुंचकर तेंदुए की मानिटरिंग कर रही है। वहीं छुरा रेंजर धीरेन्द्र साहू घायल महिला के उपचार का जायजा लेने हेतु स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार करने के बाद जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया है।

Leopard Attack: 3 हजार की सहायता राशि तत्काल प्रदान की गई

वहीं छुरा रेंजर ने बताया कि प्राथमिक उपचार हेतु तुरंत उन्हें विभाग की ओर से तीन हजार की सहायता राशि तत्काल प्रदान की गई। वे स्वयं गरियाबंद जिला अस्पताल पहुंचकर महिला की स्वास्थ्य उपचार का जायजा ले रहे हैं। Leopard Attack अभी फिलहाल महिला की स्थिति ठीक है। वहीं क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील भी की गई है कि वे जंगल की ओर अभी न जाएं।

वहीं विकासखंड सिमगा में शिवनाथ नदी के किनारे स्थित ग्रामों किरवई तोरा चक्रवाय चोरहा नवागांव आदि में विगत छह दिनों तीन तेंदुए विचरण कर रहा है। चक्रवाय जनपद सदस्य गंगा ओगरे ने बताया कि ग्राम के लोग अपने खेतों में काम कर रहे थे, तभी उन्होंने विचरण कर रहे तीन तेंदुआ को देखा। Woman injured in leopard attack ग्रामीणों की सूचना पर उन्होंने फारेस्ट विभाग को इसकी सूचना दी है ताकि किसी प्रकार की घटना-दुर्घटना से बचा जा सके।

तेंदुआ कहां से और कैसे आए किसी को पता नहीं

फारेस्ट विभाग के कर्मचारियों द्वारा नदी किनारे के फार्म हाउस व नर्सरियों में तेंदुआ की सघन तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता नही मिली है। सिमगा क्षेत्र तेंदुआ कहां से और कैसे आए किसी को नहीं पता।

अनुमान लगाया जा रहा है कि विगत दिनों अनवरत बारिश के चलते शिवनाथ नदी में कई दिनों से बाढ़ की स्थिति निर्मित हुई थी। संभावना है कि वन्य जीव बाढ़ में बह कर यहां आए हो। Leopard Attack फारेस्ट विभाग ने आसपास के गांवों में लोगों को सावधान रहने अपील की है और तेंदुआ दिखने पर तत्काल इसकी सूचना देने की बात कही है।

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सड़क पर उत्पात मचाते रहे हाथी, घंटों आवागमन रहा बंद

पाण्डुका की बता करें तो वन मंडल गरियाबंद के कई परिक्षेत्र में जंगली जानवरों का आना-जाना गांव में बढ़ता ही जा रहा है। वहीं तेंदुआ के हमले से ग्रामीण घायल हो रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से हाथियों का आना-जाना पांडुका परिक्षेत्र, फिंगेश्वर परिक्षेत्र में लगातार बना हुआ है।

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लोग भी अब हाथियों से अच्छी तरह से वाकिफ हो चुके हैं कि कौन सा हाथी कितना खतरनाक और कौन सा शांत है। महासमुंद से गरियाबंद फिर धमतरी तो फिर पुन: धमतरी गरियाबंद से महासमुंद हाथियों का आना-जाना लगातार जारी है।

नेशनल हाईवे में हाथियों ने किया घंटों जाम

Leopard Attack: इसी के तहत बीते दिनों नेशनल हाईवे में हाथियों ने घंटे जाम कर दिया। ये तीन हाथियों का दल जिसमें छूटकू, बबलू और एमई-2 नामक हाथी शामिल है, जिसमें से छूटकू को ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है, जो सबसे छोटा है और उड़ीसा से छूटकू और बबलू आए हैं जो इस नर दंतेल के साथ मिलकर तीनों ने अपनी जोड़ी बनाई है।

उड़ीसा में दो लोग का मौत के घाट उतारने के बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न परिक्षेत्र में घूम रहा है छूटकु को बहुत ही गुस्सा वाला है। वह वन विभाग इससे अच्छे से वाकिफ है और ग्रामीणों के इसके नजदीक न जाने की लगातार हिदायत दे रही है, तो वहीं दीवना मार्ग पर शनिवार को घंटों बैठे रहे। Leopard Attack वन विभाग एवं हाथी मित्र दल लगातार इसके हर मोमेंट पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को सतर्क कर रहे हैं। ये हाथी धान की बालियों को खाकर खेतों में खूब उत्पात मचा रहे हैं।