
World Blood Donor Day 2024: विश्व रक्तदान दिवस प्रतिवर्ष 14 जून को मनाकर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाता है। कहा जाता है कि रक्तदान महादान है। इससे बढ़कर और कोई दान नहीं होता है। शुक्रवार को रक्तदान दिवस के अवसर पर सबसे पहले रक्तदान करें और फिर कोई दूसरा काम करें। रक्तदान से जरूरत व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। रक्तदान से बढ़कर पुण्य का कोई काम नहीं।
वर्ल्ड ब्लड डोनेशन डे के अवसर पर पत्रिका रक्तदान अभियान जीवन रक्षक के तहत आज यानी 14 जून को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह कैंप आरएमएस पुजारी पार्क पचमढ़ी नाका के पास प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक आयोजित किया गया। शिविर में समाजसेवी संस्थाओं, रक्तदाता, रक्तदान समितियों के सदस्यों और स्वाथ्य विभाग द्वारा रक्तदान किया जाएगा। इस मौके पर उपस्थित होकर लोगों ने अपनी-अपनी भागीदारी निभाई।
कहते हैं रक्तदान महादान। इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं टाटीबंध के 66 वर्षीय विनय पंचभाई। अब तक उन्होंने 168 बार ब्लड डोनेट किया है। वे कहते हैं कोई लेने वाला हो तो मैं आज भी रक्तदान के लिए तैयार हूं। भले मेरी उम्र इजाजत नहीं देती लेकिन जज्बा आज भी बरकरार है। उनके हौसले से प्रेरित होकर परिवार इस दिशा में आगे बढ़ गया है। बेटा-बेटी और पत्नी भी रक्तदान कर रहे हैं। वर्ल्ड ब्लड डोनर डे पर जानिए उनकी और परिवार की कहानी।
सिंचाई विभाग से सेवानिवृत विनय बताते हैं, 1979 की बात है। मैं डीके हॉस्पिटल में अपने घायल दोस्त को देखने गया था। बाहर निकला तो 3 साल की बच्ची मुंह से सांस ले रही थी क्योंकि उसका नाक बंद था। मां से पूछने पर पता चला कि उसे ब्लड की जरूरत है। मैंने डॉक्टर से बात की और कहा अगर मेरा (ओ पॉजिटिव) लग जाए तो ले लीजिए। ग्रुप मैच हो गया और मैंने उस बच्ची को ब्लड दिया। आज वो लड़की डॉक्टर बन गई है। इसके बाद से रक्तदान को सिलसिला चलता रहा।
सुरक्षित भव: फाउंडेशन के संस्थापक संदीप धुप्पड़ ने बताया, हम हर साल वैलेंटाइन डे पर ब्लड डोनेट कैम्प लगा रहे हैं। 11 साल से यह काम जारी है। हमारा मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं में बहुत मौतें होती हैं, उन्हें समय पर खून मिल जाए तो बच भी सकते हैं। इसी सोच के साथ हमने शुरुआत की थी। हमारी टीम में लगभग 100 लोग हैं। इस काम के लिए हमें कई अवॉर्ड और रिवॉर्ड मिल चुके हैं। हम आगे भी इस तरह के कैम्प लगाते रहेंगे।
विनय ने बताया, बिटिया प्रीति का ब्लड ग्रुप ओ निगेटिव है। बीजापुर में एक सोल्जर को गोली लग गई थी। उसे रायपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। कहीं से पता चला कि प्रीति का ग्रुप ओ निगेटिव है। उधर से संपर्क किया गया और प्रीति ने वहां जाकर ब्लड दिया। तब से सोल्जर बहन मानता है। पत्नी और बेटा भी समय-समय पर ब्लड दे रहे हैं।
कहां समय आयोजक
स्कूल सेंटर
Published on:
14 Jun 2024 04:16 pm
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