
सस्ती टिकट के बाद बैगेज चार्ज ने बढ़ाई मुश्किलें (photo source- Patrika)
राकेश टेंभुरकर/Patrika Exclusive: हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए बेहद काम की खबर है। यदि आप सस्ती टिकट देखकर फ्लाइट बुक कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं! सस्ती टिकट के चक्कर में आपको एयरपोर्ट पर अलग से जेब ढीली करनी पड़ सकती है। दरअसल, घरेलू उड़ानों में इकोनॉमी क्लास के यात्रियों को आमतौर पर 15 किलोग्राम तक चेक-इन बैगेज (सामान) ले जाने की मुफ्त अनुमति होती है।
हालांकि, इंडिगो एयरलाइंस ने 'जीरो लगेज' या 'लाइट फेयर' का विकल्प पेश किया है। इसमें टिकट तो सस्ती मिलती है, लेकिन चेक-इन सामान ले जाने की अनुमति नहीं होती। जानकारी के अभाव में जब यात्री 15 किलो सामान लेकर एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं, तो उनसे भारी-भरकम अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। इससे रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
हाल ही में रायपुर से इंदौर की यात्रा कर रहे एक यात्री को एयरपोर्ट काउंटर पर रोक दिया गया। उनके पास 15 किलो का बैग था, लेकिन एयरलाइंस अधिकारियों ने लगेज का अलग शुल्क मांगा। यात्री ने डीजीसीए के 15 किलो मुफ्त बैगेज के नियमों की बात कही, लेकिन प्रबंधन नहीं माना। आखिरकार यात्री को अपनी यात्रा रद्द कर टिकट कैंसिल करानी पड़ी। पीड़ित यात्री ने इसकी लिखित शिकायत नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए से की है, ताकि भविष्य में यात्रियों से इस तरह की मनमानी वसूली रोकी जा सके।
इंडिगो एयरलाइंस: एयरलाइंस के स्थानीय प्रतिनिधि के अनुसार, यह नियम वेबसाइट पर स्पष्ट लिखा है। कंपनी बिना सामान और सामान के साथ दो तरह के विकल्प देती है। दोनों के किराए में अंतर होता है।
नॉर्मल फेयर 15 किलो चेक-इन बैगेज 7 किलो हैंड बैग पर्सनल बैग (लैपटॉप)।
लाइट/जीरो लगेज फेयर: केवल 7 किलो हैंड बैग की अनुमति (कोई चेक-इन बैग नहीं)।
अतिरिक्त शुल्क: बिना लगेज वाली टिकट पर काउंटर पर बैग ले जाने पर भारी अतिरिक्त चार्ज (600 से 700 रुपए प्रति किलो जीएसटी) देना पड़ सकता है।
दोनों टिकटों के दामों में नाममात्र का अंतर होता है। यात्रियों को किसी अधिकृत एजेंसी से ही टिकट बुक करानी चाहिए और बुकिंग के समय 'बैगेज अलाउंस' के ऑप्शन की जांच जरूर करनी चाहिए- रमन जादवानी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, ट्रैवल्स एसोसिएशन
Updated on:
13 Aug 2026 08:05 am
Published on:
13 Aug 2026 08:05 am
