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35 हजार रुपए की सरकारी नौकरी, फिर भी शिक्षिका ले रही गरीबों का राशन

कई गरीब सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अपने प्रभाव और दबाब में कई शासकीय सेवक ही प्रधानमंत्री बीपीएल कार्डधारियों के लिए अन्नपूर्णा योजना का लाभ ले रहे हैं।

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Free ration: यूपी में 2024 तक 15 करोड़ लोगों को मिलेगा फ्री-राशन, होली और दीपावली पर मुफ्त सिलेंडर भी

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सिलवानी. नौकरशाही के चलते आज भी कई गरीब सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अपने प्रभाव और दबाब में कई शासकीय सेवक ही प्रधानमंत्री बीपीएल कार्डधारियों के लिए अन्नपूर्णा योजना का लाभ ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला एसडीएम कार्यालय में संलग्न तथाकथित स्टेनोग्राफर सुनीता मेहरा का है, जो कि मूलत: प्राथमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं और वह भी बीपीएल कार्डधारियों की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रही हैं।

जानकारी के अनुसार सुनीता मेहरा की प्राथमिक शिक्षक के पद पर दिनांक 9 जुलाई 2013 को शासकीय प्राथमिक शाला जामनझिरी में पदस्थापना हुई थी। संविलियन के बाद इनकी पदस्था वर्ष 2019 में शासकीय प्राथमिक शाला आमापानी खुर्द में की गई है।
वह पिछले कई वर्षो से एसडीएम कार्यालय में अटैचमेंट कराए हुए हैं। एसडीएम संघमित्रा बौद्ध का कहना है कि सुनीता मेहरा को निर्वाचन कार्य के लिए कार्यालय में अटैच किया गया है। जबकि सुनीता एसडीएम के बाजू वाली सीट पर अपने नाम और पदनाम की पट्टिका लगाकर एसडीएम कार्यालय के विभिन्न कार्य करती हैं।

जानकारी के अनुसार सुनीता मेहरा निर्वाचन शाखा में कभी भी कोई कार्य नहीं करती है। वह तो एसडीएम की स्टेनोग्राफर का कार्य करती हैं। अपने प्रभाव और दबाब के चलते नगर की शासकीय राशन की दुकानों से राशन भी प्राप्त कर रही है। नगर परिषद के वार्ड 11 निवासी गौरीशंकर शाक्या की परिवार समग्र आईडी क्रमांक 30572094 है, इसमें 5 नंबर पर सुनीता का नाम है। जिसकी समग्र आईडी क्रमांक 18&474826 है। शासन के नियमानुसार किसी भी व्यक्ति की जिस ग्राम में पदस्थापना की जाती है उसे वही निवास करना होता है। इसके बाद भी स्थापना काल से सुनीता मेहरा का नाम नगर के वार्ड 11 में अपने पिता के परिवार में सम्मिलित है। प्रतिमाह 35 हजार रुपए से अधिक वेतन मिलने के बाद भी उनका परिवार बीपीएल कार्ड धारक बना हुआ है। सिलवानी तहसील के कई शासकीय कर्मचारी इस तरह की कई शासन की योजनाओं का लाभ ले रहे हंै। सुनीता मेहरा तो सिर्फ एक बानगी है। जानकारी के अनुसार लगभग 50 से अधिक शासकीय कर्मचारी बीपीएल कार्ड परिवारों में सम्मिलित हैं। इस संबंध में नगर परिषद के सीएमओ राजेन्द्र शर्मा का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


शासकीय सेवक यदि बीपीएल योजनाओं का लाभ ले रही है तो इसकी जांच की जाएगी। -शैलेन्द्र यादव,ब्लॉक स्रोत समन्वयक


पात्र अपात्र घोषित करना नगर परिषद का कार्य है। मुझे डाक्यूमेंट के आधार पर पर्ची जारी करना होता है। इस तरह की जांच करना नगर परिषद का कार्य है।

-मयूर सिंह, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी