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पिकनिक स्पॉट पर नहीं हैं सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम

कोलार डैम की घटना से सबक लेना जरूरी
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रायसेन

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Deepesh Tiwari

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Updated: 24 Jul 2018, 1:16 PM IST

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पिकनिक स्पॉट पर नहीं हैं सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम

रायसेन@शिवलाल यादव की रिपोर्ट...

जिले के पिकनिक स्पॉटों और चट्टानों के बीच बहते झरनों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। जिससे यहां घूमने आने वाले पर्यटन स्थलों के आसपास हरदम जान का खतरा बना रहता है। हाल ही में कोलार डैम अपने दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए कार से निकले भोपाल के छह दोस्तों की कार खाई में गिर जाने से उनकी मौत हो गई थी। इस जानलेवा हादसे से लोगों को सबक लेना चाहिए। रायसेन जिले में भी कई वॉटर फॉल, पिकनिक स्पॉट हैं। यहां पर्यटकों की सुरक्षा के इंतजाम कराना बेहद जरूरी है।एक जरा सी भूल कभी जानलेवा साबित हो सकती है।

इन पिकनिक स्पॉट पर न तो सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से रैलिंग लगाई गई हैं। ना ही बांड्रीवाल के इंतजाम कराए गए। जबकि हर रविवार को संडे इंज्वॉय करने भारी संख्या में पर्यटक आने लगे हैं। बारिश के दौरान हरी भरे पहाडिय़ों पर हरियाली की चुनर ओढ़ ली है।पहाड़ों पर कलकल बहते झरनों की आवाज पर्यटकों के मन को काफी लुभाते हैं। इसीलिए वह रविवार या कोई फिर तीज-त्यौहार के मौकों पर पिकनिक मनाने के लिए यहां युवाओं की टोलियां और अन्य लोग परिवार सहित घूमने आने लगे हैं।

यह हैं पर्यटन स्थल....
रायसेन जिले के पर्यटन स्थली मिनी पचमढ़ी सलामतपुर, दोहटा जलप्रपात, सतकुंडा की हरीभरी पहाडिय़ां औबेदुल्लागंज, अमरावद डैम सागर रोड, बेतवा कुंड भोजपुर, हलाली डैम, रायसेन की ऐतिहासिक किला पहाड़ी, बारना डैमबाड़ी, चिडिय़ाटोल खरबई, महादेव पानी गुफा के झरने, सांची के बौद्ध स्तूप, सीतातलाई झरना बाइपास आदि जगहों पर ऊंचे झरनों के मनोरम दृश्यों की हरियाली देखने हर रविवार हजारों की तादात में पर्यटकों की भीड़ उमडऩे लगी हैं।

यहां पर्यटकों की जान की सुरक्षा के मानो कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। यहां की पहाडिय़ों व चट्टानों पर समूह के रूप में खड़े होकर युवाओं के झुंड खूब मौजमस्ती के उद्देश्य से चढ़ जाते हैं। यहां घण्टों ग्रुप में मोबाइल की सेल्फी का सिलसिला भी चलता रहता है। इस दौरान विशालकाय शिलाओं, चट्टानों पर छाई हरी काई से फिसल कर कोई हादसा घटित हो सकता है। महादेव पानी सेहतगंज में भी रविवार को सुरक्षा के नामपर एक डॉयल १०० पुलिस वाहन और दो से तीन पुलिस के जवान तैनात होते हैं। चिडिय़ाटोल खरबई पर तो पुलिस कहीं नजर नहीं आती। ऐसे में खरबई चिडिय़ाटोल की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर लिहाजा अब सवाल उठने लगे हैं। कोलार डैम की तरह रायसेन जिले के पहाड़ों रास्तों की खाई में कहीं हादसे घटित हो सकते हैं। हैरत की बात तो यह है कि इन पिकनिक स्पॉट पर चेतावनी बोर्ड तक कहीं नहीं लगाए गए हैं।

यह हैं खतरे के स्पॉट
स्पॉट पर कहीं चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। झरनों का तेज बहाव, गहरा पानी कहीं कुंडों में भरा गहरा पानी, ऊंची चट्टानोंं व पहाड़ों पर खड़े होकर युवाओं की मोबाइल से सेल्फी लेना खतरनाक साबित हो सकता है। लोगों का कहना है कि जिला व पुलिस-प्रशासन सहित पुरातत्व विभाग के आला अधिकारियों को अपने स्तर पर यहां पर्यटकों की जानकी सुरक्षा को लेकर यहां पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम कराना चाहिए।