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mp election 2023 भोजपुर में भाजपा का पटवा पर ही भरोसा, मुकाबले की तस्वीर साफ

भोजपुर विधानसभा से एक बार फिर सुरेंद्र पटवा को ही अपने प्रत्याशी के रूप में घोषित कर भाजपा ने उन तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया, जिनमें बदलाव की संभावना जताई जा रही थीं। इस घोषणा के साथ ही अब जिले की चारों विधानसभाओं में चुनावी दंगल की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

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जिले की चारों विधानसभाओं में चुनावी दंगल की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

रायसेन. भोजपुर विधानसभा से एक बार फिर सुरेंद्र पटवा को ही अपने प्रत्याशी के रूप में घोषित कर भाजपा ने उन तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया, जिनमें बदलाव की संभावना जताई जा रही थीं। इस घोषणा के साथ ही अब जिले की चारों विधानसभाओं में चुनावी दंगल की स्थिति स्पष्ट हो गई है। अभी तक के इतिहास में 2008 में भारतीय जनशक्ति के अपवाद को छोड़ दें तो किसी तीसरे दल ने जिले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। लिहाजा यह कहना आसान है कि इस बार भी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच ही होगा। इस बार के मुकाबले में एक सीट पर भाजपा ने तो एक सीट पर कांग्रेस ने नए चेहरे को मौका दिया है। भाजपा ने उदयपुरा से नरेंद्र शिवाजी पटेल को तो कांग्रेस ने सांची से डॉ. जीसी गौतम को प्रत्याशी बनाया है। इनके अलावा सभी प्रत्याशी पिछले चुनावों में मैदान में उतर चुके हैं। जिन्हें चुनाव लड़ने और समीकरण बिठाने का पर्याप्त अनुभव है।

उदयपुरा विधानसभा
भाजपा : नरेंद्र शिवाजी पटेल
उम्र : 54 साल
शिक्षा : बीई
कॅरियर : भाजपा युवा मोर्चा में सक्रिय रहे, प्रवक्ता के पद पर रहे। वर्तमान में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य।
ताकत
राजनीति विरासत में मिली। खुद भी पार्टी में विभिन्न पदों पर रहे।
क्षेत्र में सामाजिक वोट सबसे ज्यादा। पिता समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं।
मुख्यमंत्री के करीबी, युवा चेहरा होने का फायदा।
कमजोरी
भितरघात का खतरा, नेताओं में पकड़ कमजोर, सामाजिक वोट फिसलने का खतरा।
क्षेत्र के विकास के मुद्दे पर कभी मुखर नहीं दिखे।
भोपाल में निवास, क्षेत्र के लोगों से लगातार संपर्क नहीं।

कांग्रेस : देवेंद्र सिंह पटेल
उम्र : 60 साल
शिक्षा : बीए
कॅरियर : पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में लंबा अनुभव, वर्तमान में विधायक।
ताकत
मतदाताओं और क्षेत्र के लोगों में सतत संपर्क, धार्मिक व्यक्ति होने की छवि।।
वर्तमान में विधायक होने के नाते लोगों से जुड़ाव बना रहा।
क्षेत्र की समस्याओं को उठाया और हल कराने संघर्ष किया।
कमजोरी
सवा साल सरकार में रहने के बाद भी क्षेत्र में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं करा पाना।
भितरघात का खतरा, सामाजिक वोट विपक्षी की तुलना में कम।
स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी को सफलता नहीं मिलना।

भोजपुर विधानसभा
भाजपा : सुरेंद्र पटवा
उम्र : 59 साल
शिक्षा : एमकॉम
कॅरियर : तीन बार से लगातार विधायक का चुनाव जीते और एक बार मंत्री रहे।
ताकत
मिलनसार और सहज व्यक्तिव, लगातार क्षेत्र से विधायक।
पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के प्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र से जुड़ाव।
कांग्रेस के बड़े नेता सुरेश पचौरी को दो बार लगातार हराया।
कमजोरी
चंद कार्यकर्ताओं से घिरे रहने के आरोप।
कुछ कार्यकर्ताओं से लेन-देन के आरोप लगे।
मंडीदीप के अलावा बाकी क्षेत्र में कोई बड़ा रोजगार का साधन नहीं दे सके।

कांग्रेस : राजकुमार पटेल
उम्र : 65 साल
शिक्षा : एमएससी
कॅरियर : एक बार विधायक और मंत्री रहे। कॉलेज के समय से कांग्रेस के कार्यकर्ता।
ताकत
मिलनसार, सक्रिय और सहज व्यक्तित्व के धनी।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खास नेताओं में शुमार।
सामाजिक वोटों के अलावा युवाओं के चहेते।
कमजोरी
एक बार हारने के बाद क्षेत्र से जुड़ाव नहीं रहा।
लोकसभा चुनाव में बी फार्म नहीं भर पाने पर पार्टी से निष्कासन।
क्षेत्र के लोगों से भितरघात का खतरा।

सांची विधानसभा
भाजपा : डॉ.प्रभुराम चौधरी
उम्र : 65 साल
शिक्षा : एमबीबीएस
कॅरियर : लंबा राजनीतिक अनुभव, चार बार विधायक का चुनाव जीते, दो बार मंत्री रहे।
ताकत
सहज और सरल व्यक्तित्व, क्षेत्र से लगातार जुड़ाव।
प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए क्षेत्र में विकास कार्य किए।
पहले कांग्रेस और अब भाजपा में भी स्वीकार्यता।
कमजोरी
पार्टी के दूसरे धड़े से अच्छे संबंध नहीं।
कुछ कार्यकर्ताओं से भितरघात का खतरा।
अपने करीबियों को ज्यादा महत्व देना।


कांग्रेस : डॉ. जीसी गौतम
उम्र : 56 साल
शिक्षा : एमबीबीएस
कॅरियर : राजनीति में कोई अनुभव नहीं। तीन साल पहले भी राजनीति में सक्रिय हुए।
ताकत
पार्टी से टिकट मिलना ही प्रमुख ताकत।।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से अच्छा संपर्क।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का साथ और सहयोग।
कमजोरी
विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं का ज्ञान नहीं।
राजनीति का किसी भी प्रकार का कोई अनुभव नहीं।
स्थानीय दावेदारों से भितरघात का खतरा।

सिलवानी विधानसभा
भाजपा : रामपाल सिंह राजपूत
उम्र : 67 साल
शिक्षा : एलएलबी
कॅरियर : राजनीति का अच्छा अनुभव, सात बार विधायक, दो बार मंत्री, एक बार सांसद रहेे।
ताकत
लगातार चुनाव जीते, रणनीति बनाने में निपुण।
क्षेत्र के लोगों से सीधा संपर्क और जुड़ाव।
विकास कार्य और दो सिंचाई योजनाएं लाना।
कमजोरी
नजदीकी लोगों से कार्यकर्ताओं की नाराजगी।
लगातार विधायक रहने से एंटीइंकंबेंसी का खतरा।
सभी समाजों को साधने में नाकामी।

कांग्रेस : देवेंद्र पटेल
उम्र : 53 साल
शिक्षा : हायरसेकंडरी
कॅरियर : एक बार विधायक का चुनाव जीते और छात्र राजनीति के समय से सक्रिय।
ताकत
क्षेत्र में सामाजिक वोट के साथ अच्छी पकड़।
तीसरे दल से जीतने वाले पहले विधायक रहे।
क्षेत्र में लगातार लोगों से जुड़ाव और सक्रियता।
कमजोरी
कांग्रेस शासन में क्षेत्र के लिए कोई उपलब्धि नहीं।
खास सहयोगियों से दूरी बनाकर रखना।
चुनावी रणनीति बनाने का कोई अनुभव नहीं ।

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