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मिलावटखोरों को पकड़ने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी, 1800112100 और 181 पर करें शिकायत

helpline number- मध्यप्रदेश में दूध में मिलावट करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं....।

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इन नंबरों पर मिलावट की शिकायत करें और मिलावटखोरों को जेल पहुंचाएं।

खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर कई तरह सजा के प्रावधान है। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इन पर लगातार पर्दा डाला जाता है। ऐसा ना हो इसके लिए अब आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक डॉक्टर सुदाम खाड़े ने प्रदेश स्तर से ही एक अभियान की शुरुआत की है। जिसमें आम उपभोक्ता मिलावटखोरों के खिलाफ सीधी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए बाकायदा एक टोल फ्री नंबर 1800112100 दिया गया है। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन के 181 नंबर पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

मध्यप्रदेश में दूध में मिलावट करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। जब भी किसी तरह का अभियान चलाया जाता है कहीं ना कहीं से बड़ा जखीरा मिलावटी सामग्री का मिलता है और एफआईआर भी दर्ज होती है। लेकिन राजगढ़ जिले में कुछ समय के लिए रुक जाने वाला मिलावटखोरी का यह धंधा वापस से चालू हो जाता है। इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए अब कोई भी अपनी शिकायत जिले के अधिकारियों से ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर दर्ज कर सकते हैं। अभियान में जिला स्तर पर खाद्य सुरक्षा विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति, नापतौल, पुलिस, राजस्व, दुग्ध संघ आदि विभागों की संयुक्त टीम बनाकर नियमित निरीक्षण एवं कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में संवेदनशील क्षेत्र का चिन्हांकन कर नियमित जांच और सर्विलेंस ह्रश्वलान तैयार कर प्रभावी कार्यवाही की करने के लिए निर्देशित किया है।

चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से दूध, दुग्ध उत्पाद के नमूनों, खाद्य तेल एवं मसालों की अधिकतम जांच, समस्त क्षेत्रों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरुकता कार्यक्रम किए जाएंगे। मिलेट आधारित भोजन के प्रोत्साहन तथा उपयोग को बढ़ावा दिए जाने के उद्देश्य से मिलेट मेले का आयोजन किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईटरा इट गतिविधियां तथा जनजागरुकता अभियान विभिन्न विभागों के सामंजस्य से आयोजित किए जाएंगे।

विभाग ने बताया कि चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, मैजिक बॉक्स के माध्यम से स्कूल, कॉलेज के छात्रछा त्राओं को खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करने संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में खाद्य सुरक्षा जागरुकता के लिए विद्यार्थियों का हेल्थ क्लब गठित किया जाएगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के मध्याह्न भोजन खाद्य सामग्री की जांच मैजिक बॉक्स, चलित खाद्य प्रयोगशालाओं के माध्यम से की जाएगी। अभियान में लायसेंस रजिस्ट्रेशन की जांच, मिलावटी खाद्य पदार्थ के निर्माण में लिप्त प्रतिष्ठानों पर जप्ती, सीलिंग की कार्यवाही की जाएगी।