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कल रात जलेगी होली परसों उड़ेगा अबीर, रंग, गुलाल

कई दिनों से चल रही इस पर्व को लेकर तैयारियां.

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 राजगढ़। फागोत्सव के दौरान महिलाएं एक दूसरे को रंग गुलाल लगाते हुए।

राजगढ़। फागोत्सव के दौरान महिलाएं एक दूसरे को रंग गुलाल लगाते हुए।

BHANU THAKUR RAJGARH
राजगढ़। होली का पर्व हिंदुओं का महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जिसको मनाने के लिए कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। राजगढ़ कि यदि बात करें तो इस पर्व को मनाने के लिए लगभग 15 दिन से तैयारियां की जा रही है। जिसमें किसी तरह का विवाद न हो और आपसी भाईचारे से यह त्यौहार मनाया जाए। इसको लेकर जिले के प्रत्येक थानों में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में शहर के गणमान्य लोगों की बैठकें आयोजित की गई।
वहीं सभी जगह हिंदू उत्सव समितियों के माध्यम से भी इसकी तैयारियां की गई, राजगढ़ में होली बाड़ा में स्थित प्राचीन स्थान पर सामूहिक होलिका दहन किया जाता है। बता दें कि यहां रियासतकाल से ही होली जल्दी आ रही है, यही कारण है कि न सिर्फ आसपास बल्कि पूरे शहर से महिलाएं यहां होलिका की पूजन करने के लिए पहुंचती है। यही कारण है कि इस बार हिंदू उत्सव समिति ने होली वाड़े के सकरे रास्ते होने के कारण जेल चौराहे से भी नया रास्ता खोल दिया है। ताकि यहां पूजन करने आने वाली महिलाओं को किसी तरह की परेशानी ना हो।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
होलिका दहन इस साल गुरुवार 17 मार्च आज किया जाएगा। होलिका दहन की पूजा का शुभ मुहूर्त 9 बजकर 20 मिनट से 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। ऐसे में लोगों को होलिका दहन की पूजा के लिए लगभग एक घंटे का ही समय मिलेगा। होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में सूर्यास्त के बाद करना चाहिए, लेकिन अगर इस बीच भद्राकाल हो तो होलिका दहन नहीं करना चाहिए। भद्राकाल समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन करना चाहिए। हिंदू शास्त्रों में भद्राकाल को अशुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि भद्राकाल में किया गया कोई भी काम सफ ल नहीं होता और उसके अशुभ परिणाम मिलते हैं।

होली से जुड़ी पौराणिक
पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक असुर राजा था। उसने घमंड में चूर होकर खुद के ईश्वर होने का दावा किया था। हिरण्यकश्यप ने राज्य में ईश्वर के नाम लेने पर ही प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद ईश्वर भक्त था, वहीं हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को आग में भस्म न होने का वरदान मिला हुआ था। एक बार हिरण्यकश्यप ने होलिका को आदेश दिया कि प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाए। लेकिन आग में बैठने पर होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गया, तब से ही ईश्वर भक्त प्रह्लाद की याद में होलीका दहन किया जाने लगा।

महिला मंडल ने मनाया फगोत्सव
शहर के संस्कृति होटल में महिला मंडल द्वारा फाग उत्सव का आयोजन रखा गया है, जिसमें नगर की कई महिलाएं शामिल हुई और होली के 1 दिन पूर्व सभी ने एक.दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। यहां आयोजन समिति की महिलाओं में सुमन सिंह और मेघना जैन ने सभी महिलाओं से अपील की कि पर्व को उत्साह के साथ मनाएं।

वर्जन। सभी को मेरी तरफ से होली की शुभकामनाएं, होली का पर्व उत्साह के साथ मनाएं लेकिन आपके उत्साह से किसी दूसरे को परेशानी न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए किसी के साथ जबरदस्ती ना करें और विवाद की स्थिति निर्मित न करें यही सभी से अपील है। कोई गलती करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप शर्मा एसपी राजगढ़।