
राजगढ़। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत शुक्रवार को स्टेडियम परिसर में सामुहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन का हुआ जिसमें जिलेभर से ५१ जोड़ो ने एक दूसरे का हाथ थामा। प्रशासन द्वारा आयोजित इस विवाह सम्मेलन में जहां वरवधु ने वैदिक मंत्रोचार के बीच सुखद दामपत्य की शुरूआत की, वहीं स्वास्थ विभाग की पहल पर परिवार नियोजन का भी संकल्प विवाह वेदी पर ले लिया। आयोजन के लिए जिलेभर के ५२ जोडो ने पंजीयन करवाया था, लेकिन इनमें से ५१ जोड़े ही सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन की शुरूआत सुबह करीब ११ बजे से जोड़ो के वेरीफिकेशन के साथ हो गई थी।
दोपहर करीब १२ बजे विवाह की रस्मों के बीच जहां जोड़ो को शासन की ओर से मिलने वाले उपहार देकर उन्हें सुखदुख में साथ रहने की शपथ दिलाई गई, वहीं इसी बीच स्वास्थ विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रत्येक जोड़ो केा विभाग की ओर से परिवार नियोजन सामग्री से भरी एक किट उपलब्ध कराई। जिससे वे बेहतर ढ़ग से परिवार नियोजन कर सकें। क्योंकि यह देश की जनसंख्या की दृष्टि से भी सही है और परिवार के भले के लिए भी। परिवार नियोजन महिलाओं के स्वास्थ पर भी असर डालता है।
स्वास्थ विभाग के डीपीएम एसएस सौलंकी ने बताया कि नव दंपत्ती को दिए गए किट में परिवार नियोजन के तरीके, महत्व आदि से जुडे प्रपत्र, परिवार नियोजन के साधन सहित महिलाओं के श्रृंगार और सुहाक प्रतीक के कुछ साधन है। इस दौरान नवदंपत्ती से पहला बच्चा शादी के दो साल बाद करने और दूसरे अंतिम बच्चें के बीच तीन साल का अंतर रखने की सलाह दी गई।
आयोजन के दौरान जनपद अध्यक्ष गिरजा परमानंद वर्मा, एसडीएम ममता खेड़े, डिप्टी कलेक्टर श्रृति अग्रवाल, जनपद सीईओ रूपाली पोरस, बलराम खटनावलिया, अशोक सक्सेना, चंद्रेश सक्सेना सहित जनपद के कर्मचारी सहित आंगनवाडिय़ो की कार्यकर्ता और जिलेभर से आए सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
Published on:
04 May 2018 05:42 pm
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