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शादी में आतिशबाजी से मची तबाही, मकान-झोपड़ी में लगी आग, फायर ब्रिगेड पहुंची खाली

MP news: सूचना के एक घंटे बाद जाकर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, उसमें भी पानी नहीं था। ऐसे में मकान व झोपड़ी और उसमें रखे ट्रैक्टर सहित गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।

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MP news Fire erupted House Hut Due to Fireworks in Wedding Ceremony in bioara

Fire erupted House Hut Due to Fireworks in Wedding Ceremony (Patrika.com)

(Report- वीरेंद्र जोशी, राजगढ़)

MP news: मध्य प्रदेश के ब्यावरा क्षेत्र के कडिय़ा गांव में शादी समारोह में पैरायनी के दौरान की गई आतिशबाजी से आग भडक़ गई। रविवार दोपहर करीब 2 बजे हुए इस हादसे में एक कच्चे मकान व मवेशियों की झोपड़ी जलकर राख हो गई। साथ ही मकान के अंदर रखा ट्रैक्टर व बाहर खड़ी ट्राली के टायर भी पूरी तरह से जल गए। बिजली कटौती के वक्त हुए इस हादसे की सूचना के एक घंटे बाद जाकर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, उसमें भी पानी नहीं था। ऐसे में मकान व झोपड़ी और उसमें रखे ट्रैक्टर सहित गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।

ग्रामीणों ने बर्तनो-पत्तियों से आग बुझाने कि की कोशिश

ग्रामीणों ने किसी तरह से अपने स्तर पर कुएं व हैंडपंप और शादी समारोह में रखे टैंकर से अपने बर्तनों से भरकर पानी डालकर किसी तरह से आग पर काबू पाया। हालांकि आग बुझ पाती उसके पहले ही ट्रैक्टर- ट्राली, मकान व झोपड़ी और उसमें रखा सामान जलकर खाक हो चुका था। दरअसल राजगढ़ जिले के बॉर्डर से सटे कडिय़ा गांव (गुना जिले) में भागवत कथा आयोजित की जा रही है।

ऐसे हुआ हादसा

ग्रामीणों के अनुसार, उक्त कार्यक्रम में कृष्ण- रुक्मणि विवाह के दौरान गांव के ही धीरज सिंह पुत्र जगन्नाथ लोधी के बेटे और रमेश पुत्र अमरसिंह लोधी की भी अलग- अलग जोड़ों से शादियां होनी है। इसके लिए कथास्थल के पास ही रविवार दोपहर को पैरायनी का कार्यक्रम चल रहा था। तभी गांव में आतिशबाजी की गई थी। आतिशबाजी से निकली चिंगारियां उचटकर पास में ही स्थित मांगीलाल पुत्र प्रभुलाल के कच्चे मकान व मवेशियों के झोपड़े पर जा गिरी। इन्हीं चिंगारियों से आग भडक़ गई और देखते ही देखते मांगीलाल का मकान, व मवेशियों की झोपटी से आग की लपटें उठने लगी।

खोलकर भगाकर बचाई मवेशियों की जान

घटना के समय गांव के ज्यादातर महिला, पुरुष और बच्चे कथा व शादी समारोह स्थल पर ही थे। जैसे ही उन्होंने मकान से लपटें उठती देखी तो दौड़ लगाकर मकान के पास आए और अपने स्तर पर बर्तनों में भरा पानी उड़ेलकर आग बुझाने जुट गए। इस दौरान कुछ युवाओं ने आपसी सूझबूझ का परिचय दिया और हिम्मत कर झोपड़ी के अंदर घुसकर वहां बंधे मवेशियों को किसी तरह से खोलकर बाहर भगाकर उनकी जान बचाई।

एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड, उसमें भी नहीं था पानी

गांव के अरविंद लोधा सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उन्होंने बीनागंज चौकी पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। लेकिन बीनागंज नगर परिषद की फायर ब्रिगेड तेलीगांव गई थी। वहां से लौटकर आने के बाद उसमें पानी खत्म होने पर पानी भरने के बाद दोपहर साढ़े 3 बजे घटनास्थल पर पहुंची। उधर सूचना पर ब्यावरा से भी फायर ब्रिगेड बुलाई गई। इस दौरान ग्रामीणों ने अपने स्तर पर जनरेटर से ट्यूबवेल चलाकर व बर्तनों से पानी उड़ेल कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन आग बूझ पाती उसके पहले ही मकान, झोपड़ी व ट्रैक्टर और ट्राली समेत गृहस्थी का ज्यादातर सामान जलकर खाक हो चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि, यदि समय रहते फायर ब्रिगेड आ जाती है शायद इतना बड़ी मात्रा में नुकसान नहीं होता।