23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

फूट-फूटकर रो रही महिला नर्सिंग ऑफिसर ने बीएमओ पर लगाए मारपीट के आरोप

mp news: महिला नर्सिंग ऑफिसर का आरोप बीएमओ व स्टाफ ने कमरे में बंद कर पीटा, एक महीने की अटेंडेंस जीरो करने का भी आरोप।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

राजगढ़

•

image

Shailendra Sharma

•

Updated: 15 Mar 2026, 10:37 PM IST

rajgarh

nursing officer accuses bmo of assault

mp news: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले का खिलचीपुर सामुदायिक अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। जहां पदस्थ महिला नर्सिंग ऑफिसर माधुरी ने बीएमओ और अन्य स्टाफ पर मारपीट व बंधक बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना ने अस्पताल की आंतरिक व्यवस्था और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महिला कर्मी माधुरी का ये भी आरोप लगाया है बीएमओ ने उसकी एक महीने की अटेंडेंस जीरो कर दी जिसके कारण उसे एक महीने की सैलरी नहीं मिली है।

महिला नर्सिंग ऑफिसर ने लगाए मारपीट के आरोप

पीड़ित नर्सिंग ऑफिसर माधुरी धोटे का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पर्ची काउंटर पर समय से पर्ची नहीं काटी जाती और स्टाफ भी अपनी ड्यूटी पर नदारद रहता है। माधुरी के अनुसार, जब उसने निस्वार्थ भाव से काम करते हुए जनसाधारण की इस पीड़ा और अव्यवस्था का वीडियो बनाया, तो स्टाफ भड़क गया। नर्सिंग कर्मी ने आरोप लगाते हुए कहा कि वीडियो बनाने की बात पर बीएमओ हिमांशु मीणा और अन्य स्टाफ ने उनके साथ मारपीट की। उनका मोबाइल छीन लिया और उन्हें एक कमरे में जबरन बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं, माधुरी का दावा है कि द्वेषवश उनकी 'जीरो अटेंडेंस' भेजी गई है, जिससे उनका वेतन भी रुक गया है।

अधिकारियों की चुप्पी पैदा कर रही संदेह

पीड़िता ने न्याय के लिए थाने में आवेदन दिया है, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल कर रही है। घटनाक्रम पर पक्ष जानने के लिए जब थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती और बीएमओ मीणा को फोन लगाया गया, तो दोनों ही अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। अधिकारियों की यह चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है और क्या पीड़ित महिला कर्मी को न्याय मिल पाता है।