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अब सिर्फ माता-पिता नहीं, हलवाई से पंडित तक सभी होंगे बाल विवाह के दोषी, टास्क फोर्स का गठन

child marriage: मध्य प्रदेश में बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन हुआ सख्त। अब पंडित, हलवाई, बैंड वाले, कार्ड छापने वाले भी दोषी माने जाएंगे। कंट्रोल रूम और निगरानी टीमें तैनात।

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Now not just parents everyone from confectioner to pandit will be guilty of child marriage in rajgarh mp

child marriage: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू की है। इसके तहत एक टॉस्क फोर्स बनाई गई है जो अक्षय तृतीया सहित अन्य मुहूर्त में शादियों की जांच करेगी। इसमें सामूहिक विवाह की शादियों की भी जांच की जाएगी। यदि कहीं बाल विवाह होता है तो इसके लिए उनके माता-पिता, रिश्तेदार के साथ ही हलवाई, बैंड, ब्याह कराने वाले पंडित, समाज के मुखिया, कार्ड छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस वाले सहित अन्य शादी में आने वाले भी दोषी रहेंगे।

कलेक्टर ने गठित की टास्क फाॅर्स

बाल विवाह रोकने के लिए कलेक्टर ने ग्राम एवं ब्लॉक स्तर पर समितियां गठित की हैं। इसके साथ ही बाल विवाह के विरुद्ध सलाह देने और बाल विवाह की सूचना देने के लिए विकासखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी बनाए गए हैं। सामूहिक विवाह स्थल पर वर-वधू की आयु से संबंधित दस्तावेजों का जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल की मार्कशीट, आंगनबाड़ी केंद्र का रिकॉर्ड क्रॉस एग्जामिनेशन अधिकारी/कर्मचारी के माध्यम से चेक किया जाएगा।

इन दस्तावेजों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। बाल विवाह को लेकर दर्ज एफआईआर के मामले को पत्रिका ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन के माध्यम से सख्ती दिखाई गई है।

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रिकॉर्डिंग से रखेंगे नजर

कलेक्टर ने बताया कि जिले में होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलनों में होने वाली शादी के लिए वर-वधु की आयु के दस्तावेज जांचे जाएंगे। साथ ही सम्मेलन के दौरान वीडियो ग्रॉफी करवाई जाएगी। जिसमें होने वाली एक-एक गतिविधि पर नजर रखा जाएगा। जिसकी मॉनीटरिंग संबंधित अनुविभागीय अधिकारी करेंगे।

उम्र संबंधी प्रमाण पत्र देखने के बाद दे अपनी सेवाएं

सामूहिक विवाह करने वाले आयोजकों से शपथ पत्र प्राप्त किया जाएगा कि वे अपने आयोजन में बाल विवाह सम्पन्न नहीं करेंगे। ऐसे ही प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, केटरर, धर्मगुरु, बैंडवाला, ट्रांसपोर्ट एवं समाज के मुखिया से अनुरोध किया गया है कि उम्र संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त कर परीक्षण के उपरांत ही विवाह में सेवाएं प्रदान करें। प्रिंटिंग प्रेस में मुद्रित की जा रही विवाह पत्रिकाओं में वर/वधु की विवाह योग्य विधि अनुरूप मान्य उम्र का स्पष्ट उल्लेख करें।

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बाल विवाह रोकने के लिए कंट्रोल रूम बनाया

राजगढ़. आगामी 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर और विभिन्न विवाह के मुहूर्त पर जिले में विभिन्न समाजों-जाति के माध्यमिक सामूहिक रूप से विवाह सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। विशेष रूप से बाल विवाह पर निगरानी रखने के लिए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

इस नंबर पर दे सकते है जानकारी

जिला स्तरीय कंट्रोल रूम प्रभारी को 07372-254360 पर संपर्क कर बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है। साथ ही जिलास्तरीय कंट्रोल रूम के सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारी प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर रश्मि चौहान 7898357660 और सहायक नोडल अधिकारी केस वर्कर, वन स्टॉप सेंटर स्मिता शुक्ला 7697837283 को जिला स्तरीय कंट्रोल रूम प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है। बाल विवाह संबंधी सूचना इन अधिकारियों के मोबाईल नंबर पर सूचना दे सकते है।

कलेक्टर ने कहा ये

राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि 'हमने निर्देशित किया है कि बाल विवाह के संबंध में सख्ती बरती जाए। हलवाई, टैंट वाले, बैंड वाले इत्यादि भी जिम्मेदार होंगे। उन्हें कहा गया है कि पहले विवाह योग्य वर-वधु की आयु का प्रमाण जरूर कर लें। इसके लिए टीम गठित की है जो जांच करेगी।'