24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

800 रुपए मिलने के बाद की डिलीवरी, सरकारी अस्पताल में रिश्वतखोरी का खेल

MP News: सरकारी अस्पताल की पोल फिर खुली! प्रसूता से डिलीवरी कराने के लिए नर्सिंग स्टाफ ने दिव्यांग पति से रिश्वत मांगी। लापरवाही, मनमानी और पैसों की भूख का शर्मनाक खेल।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

राजगढ़

•

image

Akash Dewani

•

Updated: 20 Sep 2025, 9:11 AM IST

nursing staff taking bribe delivery rajgarh district hospital mp news

nursing staff taking bribe delivery rajgarh district hospital (फोटो- सोशल मीडिया)

nursing staff taking bribe: राजगढ़ जिला अस्पताल में स्टाफ की मरीजों के इलाज को लेकर लापरवाही के किस्से थम नहीं रहे है। सरेआम नर्सिंग स्टॉफ रुपयों की उगाही कर रहा है। बीती गुरुवार रात करीब 11 बजे एक दिव्यांग से रुपयों की डिमांड की गई। वह अपनी पत्नी को लेकर डिलिवरी के लिए पहुंचा था, तभी नर्सिंग स्टाफ ने रुपयों की डिमांड की। (MP News)

बार-बार पूछने गए, तो नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि कुछ करना पड़ेगा

समपीस्थ गांव लाख्या निवासी दिव्यांग महेश अपनी 27 वर्षीय पत्नी धापूबाई सौंधिया को लेकर जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचा था। प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने भर्ती कराया तो स्टाफ ने कहा कि सामान्य प्रसव हो जाएगा। लेकिन काफी देर तक डिलिवरी के लिए महिला को अंदर नहीं लिया। इस पर महेश बार-बार पूछने गए, तो नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि कुछ करना पड़ेगा।

गुरुवार रात में नाइट ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ ने यह लापरवाही की और सीधे तौर पर रुपयों की मांग की है। जिसके बाद अब मामला चर्चा में आया है। पीड़िता ने मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी की है। (MP News)

800 रुपए दिए तब मानी

महेश ने कहा कि क्या करना पड़ेगा। इस पर उन्होंने कहा कि डिलिवरी के पांच हजार रुपए लगेंगे। वह गुहार लगाता रहा कि मैं गरीब हूं दिव्यांग हूं रुपए कहां से लाऊं? अधिकारी तो कहते हैं कि सरकारी अस्पताल में रुपए नहीं लगते फिर आप लोग किस चीज के ले रहे हैं? इस पर वे जिव करती रहीं और रुपयों के लिए अड़ी रही। बार-बार जाने पर जैसे-तैसे प्रसव कराया गया लेकिन फिर से डिमांड शुरू हो गई। फिर दो हजार रुपए की मांग की गई। महेश ने मजबूरन आठ सौ रुपए उन्हें दिए, तब जाकर ये मानीं। (MP News)

रुपयों की मांग की है तो मैं जांच करवा लेता हूं

वैसे किसी को भी किसी भी स्टाफ को रुपए देने की आवश्यकता नहीं है। फिर भी यदि हमारे यहां ऐसी लापरवाही हुई है और रुपयों की मांग की गई है ती में जांच करवा लेता हूँ। पीड़ित के बयान लेकर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. नितिन पटेल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, राजगढ़