
Rajgarh 11 year old Taimish dodged the kidnappers
मध्यप्रदेश में 11 साल के एक बच्चे ने गजब की बहादुरी दिखाई। एक बदमाश ने उसका अपहरण कर लिया और गाड़ी में बैठाकर ले गया। अपहरणकर्ता के चंगुल में होने के बाद भी बच्चे ने हिम्मत नहीं हारी। उसने सूझबूझ से काम लिया और अपहरणकर्ता के चंगुल से भागकर सुरक्षित घर आ गया। इसी के साथ अपहरण की एक बड़ी घटना टल गई। शुक्रवार शाम से देर रात तक चले इस घटनाक्रम में बच्चे को अपनी गाड़ी पर बिठाकर भागने वाले युवक के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिल गए हैं।
राजगढ़ शहर के पुरा मोहल्ले में रहने वाला 11 वर्षीय तैमिश अपने मामू की दुकान से पारायण चौक की तरफ लौट रहा था। तभी स्कूटी सवार एक युवक उसके पास पहुंचा और मोबाइल दुकान का पता पूछने लगा। तैमिश ने कहा कि दुकान आगे हैं, तो युवक ने उसे स्कूटी पर बिठाते हुए कहा कि चलो तुम्हें भी वहां तक छोड़ दूंगा।
तैमिश उसकी स्कूटी पर बैठ गया। युवक पुराना बस स्टैंड होते हुए कालीपीठ रोड की तरफ पहुंच गया। इस बीच तैमिश ने बार-बार उसे उतार देने के लिए कहा, लेकिन उसने स्कूटी नहीं रोकी। मोतीपुरा जोड़ के पास तैमिश ने कहा- गाड़ी रोको, मुझे जोर से बाथरूम आ रही है।
युवक ने जैसे ही एक खेत के पास स्कूटी रोकी, तैमिश उससे उतरा और खेत में दौड़ लगा दी। वहां दो किसान काम कर रहे थे। बच्चे ने उन्हें बताया कि यह आदमी उसे जबरन कहीं ले जा रहा है। किसानों ने युवक को ललकारा तो वह गाड़ी से भाग निकला। बाद में हिरनखेड़ा के सरपंच खेत में पहुंचे। वे बच्चे को लेकर राजगढ़ आए और उसकी मां के सुपुर्द किया। रात में ही कोतवाली पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
राजगढ़ कोतवाली के टीआई वीरसिंह ठाकुर का कहना है कि हमने अलग-अलग सीसीटीवी देखे हैं। कुछ सीसीटीवी कैमरे में आरोपी युवक बच्चे को अपने साथ ले जाते हुए दिख रहा है। युवक की पहचान की कोशिश की जा रही है।
तैमिश के पिता का काफी समय पहले इंतकाल हो चुका है। मजदूरी कर रही मां शबाना का वह इकलौता सहारा है। गरीबी के कारण पिछले साल तैमिश का स्कूल भी छूट गया। वह अपने मामू की दुकान पर काम सीखने जाता है। तैमिश के सकुशल लौटने पर उसकी मां की आंखों में खुशी के आंसू हैं।
बच्चा रो रहा था, मैं खुद उसे घर छोड़कर आया
हिरणखेड़ा के सरपंच लाल सिंह ने बताया- मेरे खेत पर कुछ किसान काम कर रहे थे। इस दौरान बच्चे को एक व्यक्ति लेकर जा रहा था। बच्चे ने टॉयलेट के लिए गाड़ी रुकवाई और गाड़ी से कूद कर खेत पर काम करने वाले किसान के पास आ गया। यहां आते ही वह रोने लगा। किसानों ने बच्चे को अपने पास रोक लिया। जब तक मैं पहुंचा, वह व्यक्ति जा चुका था। हम कालीपीठ थाने जा रहे थे लेकिन बच्चा रो रहा था तो सीधे उसके घर राजगढ़ लेकर गए। यहां कोतवाली में शिकायत की।
Published on:
17 Nov 2024 05:19 pm
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