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जाने क्यों … रोकने पढ़े सामूहिक विवाह सम्मेलन में ४ विवाह

रुकवाए विवाह ... 40 जोड़ो का होना सामूहिक विवाह 4 निकले नाबालिग .. 22 में उम्र के दस्तावेजों के स्थान पर लगा रहे शपथ पत्र
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राजगढ़

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Bhanu Pratap Thakur

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Updated: 28 Feb 2022, 7:32 PM IST

राजगढ़। जानकारी लगने के बाद सम्मेलन के आयोजकों के पास पहुंची पुलिस और अन्य टीम।

राजगढ़। जानकारी लगने के बाद सम्मेलन के आयोजकों के पास पहुंची पुलिस और अन्य टीम।

राजगढ़। नाबालिक बच्चों के विवाह के मामले में राजगढ़ प्रदेश में काफ ी आगे है और पिछले सालों में डब्ल्यूएचओ के माध्यम से कराए गए सर्वे रिपोर्ट को माने तो श्योपुर और बड़वानी के बाद सबसे ज्यादा बाल विवाह राजगढ़ जिले में ही होते हैं और हो भी क्यों ना जब जिम्मेदार ही ऐसे मामलों में बजह है कार्रवाई करने के खुद आगे रहकर विवाह करवाते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से इनमें सुधार आ रहा है। क्योंकि बाल अधिकारों पर काम करने वाली कुछ संस्थाएं सक्रिय हुई है, जिसके कारण ऐसे मामले बहुत हद तक रुकने लगे हैं। लेकिन पूरी तरह यह रुके यह कहना अतिशयोक्ति ही होगी।

कोविड-19 के दौरान सामूहिक विवाह सम्मेलनों पर रोक लगी रही थी, लेकिन पिछले दिनों जैसे ही इन सम्मेलनों या फिर सार्वजनिक आयोजनों से रोक हटाई गई। तुरंत कई बड़े समाजों के साथ ही विभिन्न संगठनों के द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन कराने को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में राजगढ़ जिले के तलेन में प्रीतम महाराज की गौशाला के पास महाराज के माध्यम से ही 40 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्मेलन कराया जा रहा था। लेकिन इस विवाह सम्मेलन में चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ताओं को बाल विवाह होने की सूचना मिली। जिसके बाद वह हरकत में आए और पुलिस के सहयोग से सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल जोड़ों के दस्तावेज कंगाली उनमें 4 जोड़ी ऐसे मिले जो नाबालिग थे, ऐसे में सभी का विवाह रुकवाया गया।
22 के दस्तावेज तक नहीं मिले
बता दें कि इन 40 जोड़ों में से जहां चार में नाबालिग होने की पुष्टि हुई, वहीं 22 जुड़े ऐसे भी थे। जिनमें उम्र के प्रमाण पत्र के स्थान पर सिर्फ शपथ पत्र के आधार पर ही विवाह संपन्न कराने की योजना थी। लेकिन इस मामले में शपथ पत्र के स्थान पर वोटर आईडी या फि र अंकसूची की डिमांड की जा रही है। फि लहाल यह विवाह संपन्न होंगे या नहीं यह कह पाना अभी जल्दबाजी होगी।
शिवरात्रि के अवसर पर था विवाह सम्मेलन
यह आयोजन महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित किया जा रहा था, जानकारी लगने के बाद एसडीओपी जोइस दास, थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी हरीश हरदेनिया और चाइल्डलाइन की टीम मौजूद रही।

वर्जन। जानकारी लगी थी, जिसके बाद हमने नियम अनुसार विभिन्न अधिकारियों को जानकारी दी। जिसके बाद यह जोड़े तलाशे गए और 4 जोड़े नाबालिक निकले।
मनीष दांगी चाइल्ड लाइन
अभी तक जो दस्तावेज देखे गए हैं और में जो भी जुड़े इस नाबालिग हैं। उनके विवाह रोक पाए गए हैं इसके अलावा कुछ और दस्तावेजों में भी संदेह है उनको भी देखा जा रहा है।
उमाशंकर मुकाती थाना प्रभारी तलेन
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