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हाईवे पर पत्नी ने दिया बच्चे को जन्म, गूंजने लगी किलकारियां

मुंबई से चले थे मजदूर दंपत्ति, यूपी के संतकबीरनगर जाना था प्रसव के बाद लाया गया ब्यावरा अस्पताल लेकिन डाॅक्टर ने किया रेफर

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हाईवे पर पत्नी ने दिया बच्चे को जन्म, गूंजने लगी किलकारियां

हाईवे पर पत्नी ने दिया बच्चे को जन्म, गूंजने लगी किलकारियां

ब्यावरा. कोरोना से हुए लाॅकडाउन में मजदूरों के पलायन व मजबूरियों की अनेक दास्तां सामने आ रही है। मुंबई से पैदल ही निकले मजदूर परिवार किसी तरह अपने गांव-घर पहुंचना चाहते हैं। पलायन के दौरान हाईवे पर ही बिना किसी डाॅक्टरी सहायता से एक महिला का प्रसव हो गया। ट्रक में किसी तरह महिला का प्रसव हो सका। अच्छी बात यह कि जच्चा-बच्चा के स्वस्थ होने की सूचना है।

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संतकबीरनगर के रहने वाले तीस वर्षीय मनोज कुमार अपनी पत्नी कौशल्या के साथ मुंबई रहते थे। लाॅकडाउन के पहले तक कामधंधा कर वह अपना भरण-पोषण करते रहे। लेकिन कोरोना की वजह से हुए लाॅकडाउन ने उनकी दुनिया बदल दी। काम नहीं होने की वजह से जो बचा खुचा था वह खर्च हो गया। भूखा रहने की नौबत आई तो मनोज ने वापस संतकबीरनगर आने का फैसला किया। फिर कुछ सामान लेकर मनोज अपनी गर्भवती पत्नी कौशल्या के साथ पैदल ही अन्य प्रवासी साथियों के साथ कारवां में निकल पड़े। हालांकि, परिजन बताते हैं कि रास्ते में उन लोगों को एक ट्रक मिल गया और उसने एक तय रुपये लेकर यूपी तक पहुंचाने को कहा। साथ के सारे लोग उसमें सवार हो गए।

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आगरा-मुंबई हाईवे से मुंबई से यूपी जाते समय मनोज की गर्भवती पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। उसकी प्रसव पीड़ा तेज हो गई। ब्यावरा के पास ट्रक में ही कौशल्या का साथ चल रही महिलाओं ने किसी तरह प्रसव कराया। बच्चे की जन्म के बाद कौशल्या को ब्यावरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन वहां डाॅक्टर्स ने केस कांप्लीकेटेड होने का हवाला देकर उसे राजगढ़ रेफर कर दिया। यहां से उसे राजगढ़ अस्पताल में लाया गया। बताया जा रहा है कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

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