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फर्जी जीएसटी नंबर वाले बिल से निकाल लिया हजारों का भुगतान

जीरापुर अस्पताल लम्बे समय से फर्जी भुगतान करने के मामले को लेकर सुर्खियों में रहा है।

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Rajgarh Payment withdrawn by entering fake GST number on huge bills.

राजगढ़. जीरापुर अस्पताल लम्बे समय से फर्जी भुगतान करने के मामले को लेकर सुर्खियों में रहा है। लेकिन अभी तक दोषियों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। जांच-दर-जांच मामला आगे बढ़ता गया और अभी जांच लंबित है। इसी बीच अधिकारियों का एक ओर मामला सामने आ गया, इसमें प्रबंधन की मिलीभगत से अस्पताल में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे के बिल से उजागर हुआ है, इसमें न सिर्फ निर्धारित दरों से अधिक दरों पर इनकी खरीदी हुई। अपितु बिलों पर जिस जीएसटी नंबर का जिक्र है, वास्तव में वह नंबर ही फर्जी है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता कमल सिंह ने हाल ही मंत्री बने प्रियवृत सिंह को शिकायत दर्ज कराई है।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा
हार्डवर्क प्रोफेशनल एजेंसी के इस बिल पर जिस जीएसटी नंबर 23839224127 दर्ज है, वह फर्जी है। इस नंबर का उपयोग कर इस एजेंसी ने आइ कैमरों की कीमत 84,715 में 18 प्रतिशत जीएसटी 15,249 लगाकर 99,964 रुपए का भुगतान किया है।

पहले भी फर्जी बिल से कराया भुगतान
इससे पहले भी जहां मरीजों के नाम पर चीकू , पपीता और सेवफल आदि का भुगतान कराया है। वहीं कुछ बिल ऐसे भी लगाए गए, जिसमें संबंधित संस्था के संचालक के फर्जी हस्ताक्षर किए और संस्था का कम्प्यूटराइज बिल लगाकर भुगतान निकाला। जबकि संबंधित नईदुनिया ट्रेडर्स कम्प्यूटराइज बिल ही नहीं बनाती। इसके अलावा गौरी बिल्डिंग वर्कशाप के नाम से सिलिंग फेन को लटकाने वाला पाइप ही १५०० रुपए में खरीदने की बात भी सामने आई थी। ऐसे में कई बार विवादों में रहने वाले यहां के बीएमओ विवेक दुबे के कारनामे सामने आने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन अभी भी वे अपने पद पर जमे हुए हैं। यही कारण है कि कुछ दिनों में ही नया मामला सामने आ जाता है।

&जीरापुर की शिकायत मुझे भी पता लगी हैं। लेकिन अब मामलों में गंभीरता से जांच होगी। किसी को हटाना ही विकल्प नहीं हैं। बल्कि उनके द्वारा किए गए गलत कामों पर बड़ी कार्रवाई हो, इसके लिए सुक्ष्मता से जांच कराई जाएगी।
-प्रियवृतसिंह खीचीं, कैबिनेट मंत्री मप्र शासन