
राजगढ़/ब्यावरा. मध्यप्रदेश में बदले मौसम के मिजाज और बेमौसम हुई बरसात के कारण फसलों को बेहद नुकसान हुआ है। फसलों को हुए नुकसान से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं और प्रशासन ने सर्वे कर किसानों के नुकसान का आंकलन शुरु कर दिया है। राजगढ़ जिले में भी बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यहां सबसे ज्यादा नुकसान संतरे की फसल को हुआ है।
आधे रह गए संतरे के दाम
राजगढ़ जिले में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का आंकलन करने प्रशासन मौके पर पहुंचा तो सामने आया है कि बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान संतरे की फसल को हुआ है। तेज हवा और ओले व बारिश के कारण संतरा गिरने लगा है। जिसका असर ये हुआ है कि मंडी में संतरे के भाव भी गिर गए हैं और पहले 40 से 45 रु. किलो तक बिक रहा संतरा अब 10 से 15 रु. किलो बिक रहा है।
धनिया की फसल को भी नुकसान
संतरे के बाद सर्वाधिक नुकसान धनिये की फसल में हुआ है। इसमें खेतों में कटा पड़ा धनिया काला और बादामी पड़ गया। ढंके हुए धनिये में भी नमी बढ़ गई। यही स्थिति गेहूं, सरसों और मसूर की रही। इनमें भी बारिश के पानी के कारण काफी दिक्कत हुई। इस तरह कुल मिलाकर रबी की 70 फीसदी उपज खेतों में है। किसानों का कहना है कि 10 दिन और मौसम साफ रहता तो निश्चित ही यथावत उपज घर पहुंच जाती, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उन्हें निराश कर दिया है। वहीं अगर मौसम विभाग की मानें तो आगामी 09 से 11 मार्च के दौरान मध्य स्तर की पश्चिमी द्रोणिका के प्रभाव में दक्षिणी मध्यप्रदेश में कहीं-कहीं बारिश के साथ सामान्य आकाशीय बिजली और वज्र ध्वनि, आंधी की दो डिग्री तक तापमान गिरने के आसार है। एक प्रेरित परिसंचरण उत्तरी गुजरात में निचले स्तरों में विद्यमान है। जिसका असर प्रदेश में देखा जा रहा है। जिले में 8 मार्च को और हल्की हवा, बारिश हो सकती है, फिर धीरे-धीरे मौसम शुष्क होने लगेगा।
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Published on:
08 Mar 2023 06:28 pm
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