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गेहूं में आया उछाल, 1900 में बिकने वाला गेहूं अब 2500 के पार, यहां देखें पूरी लिस्ट

गेहूं और पुराने चने की उपज, धनिया का भाव भी कम हुआ.....

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Wheat

ब्यावरा। परचून के साथ ही कृषि बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। स्थिति यह है कि भाव में काफी बदलाव कुछ ही दिनों के अंतराल में देखने को मिल रहा है। सर्वाधिक स्थिति गेहूं, धनिया, सोयाबीन के भाव में देखने को मिल रही है। रबी के सीजन में गेहूं के भाव में तेजी आई है। अमूमन इस समय गेहूं आता नहीं है, अप्रैल-मई के दौरान गेहूं की बाजार में बिकने पहुंचता है। वहीं, बंपर पैदावार वाली सोयाबीन के भाव बीते सप्ताह से 5500 पर थम गए हैं। जिससे किसान असमंजस में हैं।

जो किसान उपज रोककर बैठे हैं उन्हें बेहतर भाव उपज के नहीं मिल पा रहे हैं, यानि जिस हिसाब से उत्पादन हुआ है उस हिसाब से मार्केट की डिमांड बदल गई। सोयाबीन ज्यादा है तो डिमांड सीमित हो गई, जिससे भाव स्थिर हो गए। बता दें कि बोवनी के दौरान यही सोयाबीन 10 हजार के आस-पास मिली थी। सासन ने तो इसकी रेट 10, 700 रुपए पति क्विंटल तय की थी लेकिन वही सोयाबीन अब पांच से साढ़े पांच हजार के बीच थमी हुई है। यही हाल अन्य उपज के भी हैं।

समर्थन मूल्य की रेट से भी नीचे पहुंच चुके गेहूं के भाव भी सीमित हो गए थे, किसान बेचना तक पसंद नहीं कर रहे थे। उसी गेहूं के भाव में अब अचानक से बढ़ोतरी हुई है। 18 से 1900 में बिकने वाला गेहूं अब 2500 के पार पहुंच चुका है। यह सब तब हो रहा है जब किसानों के पास गेहूं की उपज उस मात्रा में शेष रही ही नहीं है। ऐसे में बढ़ी हुई दरों का लाभ सिर्फ उन्हीं बिचोलियों और व्यापारियों को मिलेगा या बड़े किसानों को मिलेगा जिनके पास इस समय पर्याप्त गेहूं हैं।

रंगीन धनिया से मार्केट में बहार की उम्मीद

इस बार पर्याप्त पानी होने और मौसम की अनुकूलता को देखते हुए किसानों ने धनिए की बोवनी में रुचि दिखाई है। इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि रंगीन और कलरदार धनिया मार्केट में बहार लेकर आएगा। दिसंबर-जनवरी में बोया जाने वाला धनिया अप्रैल-मई तक कलरफुल धनिया होता है। जिसका भाव 15 से 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक रहने की संभावना मानी जाती है। इससे किसानों को काफी फायदा होता है। हालांकि इस बीच अच्छे मौसम और सामान्य ठंड की उम्मीद किसान करते हैं।

प्रमुख उपज के भाव

सोयाबीन- 3600-5500

गेहूं -2180-2570

धनिया- 7570-10260

चना- 3780-4200

मसूर- 5500-6500

सरसों- 5345-5900

मक्का- 1740-2090

ज्वार- 1150-1400

(स्त्रोत : ब्यावरा कृषि उपज मंडी)

बाजार में उतार-चढ़ाव का यह दौर है। कब किस उपज के भाव ज्यादा बढ़ जाएं कहा नहीं जा सकता। फिलहाल गेहूं में तेजी है, अन्य उपज के भाव स्थिर जैसे है। लेकिन बीते दिनों से मार्केट के उतार-चढ़ाव के कारण यह तय नहीं हो रहा है कि भाव कैसे क्या रहेंगे, इसलिए कभी भी कुछ भी हो सकता है।

-संजय गुप्ता, गल्ला व्यापारी, कृषि मंडी, ब्यावरा