23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डीएपी-यूरिया की सरकारी सप्लाई ठप, निजी केंद्रों में महंगे दामों पर मिल रहा खाद

CG News: शिवसेना के जिला इकाई जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर खाद-बीज की हो रही कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग रखी है। शिवसेना के जिला अध्यक्ष आकाश सोनी का कहना है कि खेती-किसानी का समय आ गया है।

2 min read
Google source verification
निजी केंद्रों में महंगे दामों पर मिल रहा खाद (Photo source- Patrika)

निजी केंद्रों में महंगे दामों पर मिल रहा खाद (Photo source- Patrika)

CG News: जिलेभर के सोसाइटियों में डीएपी व यूरिया खाद की शासन की ओर से पर्याप्त सप्लाई नहीं होने के कारण किल्लत बनी हुई है। जबकि इसके विपरीत निजी कृषि केंद्र व दवाई दुकान में डीएपी-यूरिया का पर्याप्त स्टॉक पड़ा हुआ है। किसानों को वहां से अधिक दाम में खाद की खरीदी करनी पड़ रही है। सोसाइटियों में खाद की रेक नहीं पहुंचने का फायदा कृषि केंद्र वाले उठा रहे हैं। चूंकि बारिश का समय नजदीक आ गया है ऐसे में किसान खाद-बीज का स्टाक कर रहे हैं।

शासन-प्रशासन केंद्र से पूरे प्रदेशभर में डीएपी खाद की सप्लाई नहीं होने की जानकारी दे रहा, ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जिला सहित पूरे प्रदेश में केंद्र से डीएपी खाद की सप्लाई नहीं होने की बात कही जा रही है, तो निजी दुकान संचालकों के पास कहां से उपलब्ध हो रहा है। उधर जिला प्रशासन व कृषि विभाग द्वारा किसानों को डीएपी खाद के विकल्प के रूप में अन्य खाद का उपयोग करने प्रेरित किया जा रहा है। इन उर्वरकों को सोसाइटियों के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

CG News: शिवसेना ने कालाबाजारी रोकने मांग की

शिवसेना के जिला इकाई जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर खाद-बीज की हो रही कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग रखी है। शिवसेना के जिला अध्यक्ष आकाश सोनी का कहना है कि खेती-किसानी का समय आ गया है। इसके बाद भी सोसाइटियों में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध नहीं होना गंभीर समस्या है। इस वजह से किसानों को अधिक दाम में निजी दुकानों से खरीदी करनी पड़ रही है।

धान बीज नहीं

नागेश्वर पांडेय, डीडीए: डीएपी की सप्लाई केंद्र की ओर से ही नहीं हो रही। इसके विकल्प के रूप में किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। अन्य खाद व बीज डिमांड के अनुसार भंडारण कराया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: CG News: प्रदेश समेत पड़ोसी राज्यों में छापे,गम हुए 45 लाख के 305 मोबाइल खोजे

लक्ष्य के अनुरूप बीज का भी भंडारण सोसाइटियों में नहीं किया गया है। उधर निजी दुकानों में लोकल धान के बीज को भी अनाप-शनाप दाम में किसानों को थमाया जा रहा है।

किसान जब निजी दुकानों में खाद लेने पहुंच रहे, तो उन्हें बेतहाशा दाम में खाद दिया जा रहा है। डीएपी खाद की सरकारी दर 1265 रुपए है, जबकि निजी दुकान में इसे 16 से 17 सौ रुपए में दिया जा रहा, लेकिन दुकान संचालक इसी शर्त में खाद दे रहे जब किसान डीएपी के साथ 8-9 सौ रुपए तक जिंक सहित अन्य खाद की खरीदी कर रहे, ऐसे में एक बोरी डीएपी किसानों को 2500 रुपए की पड़ रही है। इसी तरह यूरिया-पोटॉश और सुपर फॉस्फेट सहित अन्य खाद को अधिक दामों में बेचा जा रहा है। किसानों को इसका बिल भी नहीं दे रहे हैं।

CG News: उर्वरक सोसायटी में कीमत निजी दुकान में कीमत

डीएपी 1265 1650-2000

यूरिया 265 380-400

पोटाश 1500 1700-1850

सुपर फॉस्फेट 510 600

ग्रोमोर उपलब्ध नहीं 1700-1750

बड़ी खबरें

View All

राजनंदगांव

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग