
CG Strike: अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों ने शनिवार को शासन के 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने के आदेश की कापियों को आग के हवाले कर विरोध प्रदर्शन जारी रखा है। बता दें कि जिला सहित प्रदेश भर के सचिव शासकीयकरण की मांग को लेकर क्रमबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। इसके तहत सभी सचिव अपने-अपने ब्लॉक मुख्यालयों में अनिश्चिकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
हड़ताल पर चल रहे सचिवों को शासन की ओर से शनिवार को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन सचिवों ने शासन द्वारा भेजे आदेश की प्रतियों को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती वे हड़ताल करते रहेंगे। इस दौरान भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ में जमकर नारे भी लगे।
जिला ग्राम पंचायत सचिव संघ के जिला अध्यक्ष दीपक कुमार वैष्णव ने बताया कि विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने ही अपने घोषणा पत्र ‘मोदी की गारंटी’ में प्रदेशभर के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने की बात कही थी, लेकिन सत्ता पर काबिज होते ही अपने वायदे से मुकर रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री के घोषणा अनुरूप 16 जुलाई 2024 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा समिति गठन कर 30 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही गई थी।
CG Strike: कमेटी ने रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिया है, लेकिन शासन की ओर से पंचायत सचिवों के शासकीयकरण को लेकर बजट में कोई प्रावधान नहीं रखा गया। इससे पंचायतों में आक्रोश है। उन्होंने बताया कि जिले के 408 सचिव हड़ताल पर चल रहे हैं, जिससे पंचायतों में हर छोटे बड़े काम प्रभावित है।
Updated on:
23 Mar 2025 12:53 pm
Published on:
23 Mar 2025 12:53 pm
