
Weather in Chhattisgarh: खराब मौसम और लगातार दो दिनों से जारी बारिश के चलते जिलेभर के उपार्जन केंद्रों में खरीदी पूरी तरह बंद है। सहकारी समितियों द्वारा किसानों को अगली सूचना तक धान नहीं लाने सूचना दी गई है। वर्तमान में टोकन भी नहीं काटा जा रहा है। 6 व 7 दिसंबर को जिन किसानों का धान बिक्री के लिए टोकन जारी किया गया था, उनके तिथि में बदलाव करने की तैयारी चल रही है। बहरहाल मौसम विभाग की माने तो कल से बारिश थम जाएगी।
गुरुवार शाम से रातभर रूक-रूककर रिमझिम बारिश हुई है। बिगड़े मौसम के बाद धान खरीदी बंद होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसान फसल कटाई कर बिक्री के लिए अपनी तिथि का इंतजार करते हुए उपज को संभाले रखे हैं, लेकिन बारिश के कारण वे भी परेशानी में पड़ गए हैं। उधर जिन किसानों ने फसल की कटाई नहीं की है, उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। खेत में काफी नमी के कारण अब हार्वेस्टर से धान कटाई करना मुश्किल होगा। ऐसे में लागत बढ़ेगी। वहीं सब्जी और दलहन-तिलहन फसल को दो दिनों की बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है।
मौसम का विपरीत असर स्कूल-कॉलेज में विद्यार्थियों की उपस्थिति से लेकर बाजार और स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। बारिश के साथ ही सर्द हवाओं के कारण जिले के अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री का अंतर रह गया है। गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया, तो वहीं न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार से मौसम खुलेगा। इसके साथ ही कोहरा गिरेगा और न्यूनतम तापमान में गिरावट के चलते ठंड बढ़ेगी। आने वाले दिनों में जिले का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री पर पहुंचने की संभावना है।
37 हजार 566 किसानों ने बेच दी है उपज
खाद्य अधिकारी भूपेन्द्र मिश्रा ने बताया कि जिले के सभी 96 धान उपार्जन केन्द्रों में 1 नवम्बर 2023 से किसानों से धान खरीदी की जा रही है। जिले में पंजीकृत किसानों की कुल संख्या 1 लाख 28 हजार 34 है, जिनमें से अब तक 37 हजार 566 किसानों ने 166486.08 मीट्रिक टन धान बेचा है। धान उपार्जन केन्द्रों से 64 धान उठाव करने वाले मिलर्स को 55116.72 मीट्रिक टन धान मिलर को प्रदाय किया गया है। 125101.32 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी कर दिया गया है।
इधर भी असर देखने को मिल रहा
बता दें कि अब तक एक महीने में लगभग 25 फीसदी धान की खरीदी हो चुकी है। वहीं उठाव की धीमी रफ्तार के कारण अब तक महज 12-15 फीसदी धान का ही उठाव हो पाया है। वर्तमान में बारिश के चलते उठाव की गति फिर धीमी हो गई है। ऐसे में सहकारी समितियों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि अफसर उठाव में तेजी लाने की बात कह रहे और मिलरों को छुट्टी के दिनों में भी धान उठाव का निर्देश देने की बात कह रहे हैं।
छुट्टी के दिनों में भी उठाव कराएंगेबारिश के चलते धान उठाव में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया है। मिलरों को छुट्टी के दिनों में भी धान उठाव के लिए आदेश दिया गया है, ताकि मौसम खुलते ही खरीदी शुरू हो सके और किसानों को परेशानी न हो।
डोमन सिंह, कलेक्टर राजनांदगांव
Published on:
08 Dec 2023 03:53 pm
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