23 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Chhattisgarh Electricity Tariff Hike 2026: अगस्त से बढ़ेंगे बिजली बिल, जानिए अब प्रति यूनिट कितने रुपये देने होंगे

Electricity Bill August 2026: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अगस्त का महीना महंगा साबित होने वाला है। 1 जुलाई 2026 से लागू नई बिजली दरों का असर अब अगस्त में आने वाले बिजली बिलों में दिखाई देगा।
2 min read
Google source verification
Chhattisgarh Electricity Tariff Hike

अगस्त से बढ़ेंगे बिजली बिल (फोटो सोर्स- AI)

Electricity Tariff Hike 2026: जून माह में देरी से हुई बिजली मीटर रीडिंग के कारण बढ़े बिल से परेशान उपभोक्ताओं को अब एक और झटका लगने वाला है। छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने 1 जुलाई 2026 से लागू नई बिजली दरों का असर अगस्त में मिलने वाले बिजली बिलों में दिखाई देगा। नई दरों के तहत सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली टैरिफ में प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक की वृद्धि की गई है।

बिजली दरों में बढ़ोतरी का असर घरेलू, गैर-घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं पर समान रूप से पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच बिजली बिल में वृद्धि से आम परिवारों का मासिक बजट और प्रभावित होगा, वहीं छोटे व्यापारियों और किसानों की लागत भी बढ़ेगी।

बढ़े दर से अतिरिक्त आर्थिक दबाव

राजनांदगांव के उपभोक्ताओं का कहना है कि जून माह में देरी से मीटर रीडिंग होने के कारण बिल अपेक्षा से अधिक आया था। अब जुलाई से लागू नई दरों के चलते अगस्त का बिल और अधिक आने की संभावना है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस, खाद्य तेल, सब्जियों और पेट्रोल की कीमतें पहले ही लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। ऐसे में बिजली की बढ़ी हुई दरें अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा करेंगी।

ऐसे समझे बढ़े टैरिफ के दाम

  • खपत - पुरानी दर - वर्तमान दर
  • 0-100 यूनिट - 4.10 रुपए - 4.40 रुपए
  • 101-200 यूनिट - 4.20 रुपए - 4.50 रुपए
  • 201-400 यूनिट - 5.60 रुपए - 6 रुपए
  • 401-600 यूनिट - 6.60 रुपए - 7 रुपए
  • 601 यूनिट से अधिक - 8.30 रुपए - 8.80 रुपए

योजना में बदलाव कर किया धोखा: कांग्रेस

बड़े हुए बिजली दर को लेकर कांग्रेसियों की ओर से आम जन के साथ मिलन समय-समय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन काल में बिजली दर में पांच बार वृद्धि की जा चुकी है। वहीं कांग्रेस की ओर गरीब उपभोक्ताओं को राहत देने लाए योजना में बदलाव करते हुए 200 यूनिट को घटाकर 100 यूनिट पर हॉफ योजना का लाभ दिया जा रहा है, इससे 80 फीसदी उपभोक्ता इस योजना के दायरे में ही नहीं आ रहे हैं। भाजपा व्यापारी और पूंजीपतियों की सरकार है।

ऐसे बढ़ाए दाम

नई दरों के अनुसार 0 से 100 यूनिट तक की खपत पर दर 4.10 रुपए से बढक़र 4.40 रुपए प्रति यूनिट हो गई है, जबकि 601 यूनिट से अधिक खपत पर दर 8.30 रुपए से बढक़र 8.80 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि भविष्य में बिजली दरों में राहत देने पर सरकार और नियामक आयोग सकारात्मक पहल करेंगे।

बिजली उत्पादन में लगने वाली लागत के आधार पर शासन की ओर से बिजली दर तय किया जाता है। दर को वितरण कंपनी की ओर से ऐसे ही नहीं बढ़ाया जा सकता। इसकी पूरी नियमत: प्रक्रिया होती है। - एस कंवर, एसई विद्युत वितरण कंपनी

बड़ी खबरें

View All

राजनंदगांव

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग