
सस्पेंड (Photo Patrika)
CG News: शिक्षा विभाग में पदस्थ लिपिकों द्वारा आकस्मिक अवकाश लेकर विदेश यात्रा करने के मामले की जांच शुरू हो गई हैं। मामले की जांच का जिमा राजनांदगांव बीईओ और स्टेट स्कूल के प्राचार्य को सौंपी गई है। वहीं संबंधित लिपिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अलग-अलग स्कूलों में अटैच कर दिया गया है। ताकि किसी तरह जांच प्रभावित न हो। उनके कार्यों का प्रभार अन्य लिपिकों को दिया गया है।
शिक्षा विभाग में पदस्थ पांच लिपिकों ने ऑनलाइन माध्यम से आकस्मिक अवकाश का आवेदन देकर विदेश यात्रा में निकल गए। उनके साथ दो संविदा कर्मी और एक निलंबित लिपिक और एक बघेरा स्कूल व एक बीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबू भी शामिल हैं। संविदा में पदस्थ कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। एक कर्मी पर बघेरा प्राचार्य को कार्रवाई करने आदेशित किया गया है।
मामले को लेकर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पाल ने शिकायत करते हुए सभी लिपिकों को निलंबित करने की मांग रखी है। पॉल का कहना है कि यह गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है। विदेश यात्रा के लिए तीन महीने पूर्व शासन से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इन लिपिकों को निलंबित नहीं करते हैं, उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
Published on:
15 Nov 2024 11:31 am
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