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मिलिए कोरोना वॉरियर तहसीलदार से, खुद जूझ रहे लाइलाज बीमारी से फिर भी गरीबों को दे रहे संकट में मुस्कुराने की वजह

तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता अपनी शारीरिक परेशानियों को परे रखकर शहर में लॉकडाउन को लेकर जनता को जागरूक करने के काम में जुटे हुए हैं। (Fight against Corona)

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मिलिए कोरोना वॉरियर तहसीलदार से, खुद जूझ रहे लाइलाज बीमारी से फिर भी गरीबों को दे रहे संकट में मुस्कुराने की वजह

मिलिए कोरोना वॉरियर तहसीलदार से, खुद जूझ रहे लाइलाज बीमारी से फिर भी गरीबों को दे रहे संकट में मुस्कुराने की वजह

रोहित देवांगन@ राजनांदगांव/गंडई पंडरिया. कोरोना वायरस जैसी वैश्विक आपदा ने लोगों को थमने पर मजबूर कर दिया है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने कार्य के जरिये मिसाल कायम कर रहे हैं। लॉकडाउन और गंभीर बीमारी के खतरे के बीच शासकीय सेवक पूरी शिद्दत के साथ ड्यूटी कर रहे हैं। इसी कड़ी में यहां पदस्थ तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता अपनी शारीरिक परेशानियों को परे रखकर शहर में लॉकडाउन को लेकर जनता को जागरूक करने के काम में जुटे हुए हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 22 मार्च के बाद से लगातार लॉकडाउन की स्थिति है और गंडई शहर में पूरा प्रशासनिक अमला जनता को जागरूक करने और उन्हें इस गंभीर बीमारी से बचने की सलाह देने में जुटा हुआ है। गंडई में पदस्थ तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता भी इस काम में जुटे हुए हैं। गुप्ता न सिर्फ गंडई क्षेत्र के लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस का पालन करने और बार-बार हाथ धोने से लेकर सेनिटाइजर का उपयोग करने की अपील कर रहे हैं बल्कि क्षेत्र की गरीब और जरूरतमंद जनता के घर जाकर उन्हें मदद पहुंचाने का काम भी कर रहे हैं।

तहसीलदार गुप्ता मूलत: कबीरधाम जिले के निवासी हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं जिनमें एक लड़का और एक लड़की है। पत्नी डोंगरगढ़ ब्लॉक के मुरमुंदा शासकीय हाईस्कूल में व्याख्याता पंचायत (एलबी) वर्ग एक में पदस्थ हैं और डोंगरगढ़ में रहती है। 2007-08 से गुप्ता को इस तरह की शरीरिक समस्या हुई है।

है यह गंभीर बीमारी
गंडई में दो साल से पदस्थ तहसीलदार गुप्ता अंकेलोजिंग स्पोंडिलाईटिस से पीडि़त है। इस बीमारी के चलते गुप्ता के दोनों हिप ज्वाइंट बुरी तरह खराब हो गए हैं और इस वजह से उन्हें असहनीय पीड़ा रहती है। इस बीमारी का फिलहाल कोई इलाज नहीं आया है। फिजियोथेरेपी के माध्यम से ही दर्द को कम किया जा सकता है। तहसीलदार गुप्ता के एक हिप ज्वाइंट का रिप्लेसमेंट हो चुका है और दूसरे हिप ज्वाइंट का इलाज बाकी है। ऐसी स्थिति में गुप्ता को अपने दैनिक कार्य के लिए भी किसी अन्य की मदद की जरूरत पड़ती है। शारीरिक रूप से इस तरह की तकलीफ के बाद भी गुप्ता कोरोना जैसी महामारी को लेकर लोगों को सचेत करने लगातार दौरा कर रहे हैं।

दिनभर रहते हैं सक्रिय
सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक दुकानों के खोले जाने के समय में तहसीलदार गुप्ता निरीक्षण के कार्य में जुटे रहते हैं और इसके बाद शहर में निरंतर दौरा कर अवैध रूप से दुकान संचालन और प्रतिबंधित दुकानों को खोलने वालों पर कार्रवाई भी करते हैं। इस बीच जरूरतमंदों की जानकारी होने पर वे उन तक मदद भी पहुंचाते हैं। रविवार को ही उन्होंने गंडई वार्ड क्रमांक एक के बहेराभाठा की एक गरीब वृद्ध महिला के घर जाकर उन्हें दोनों वक्त का भोजन उपलब्ध कराया।