
सनातन हवा में तैर रहा, अध्यात्म पीछे छूट गया... चाय वाले बाबा का तीखा बयान, धीरेंद्र शास्त्री को लेकर कही बड़ी ये बात...(photo-patrika)
CG News: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के ग्राम खैरबना में राजपरिवार के तत्वावधान में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दौरान आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री उर्फ ‘चाय वाले बाबा’ के तीखे और बेबाक वक्तव्यों ने धार्मिक जगत में नई बहस छेड़ दी है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सनातन, अध्यात्म और कथावाचन की वर्तमान प्रवृत्तियों पर खुलकर अपनी बात रखी।
आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री ने कहा कि आज देश में सनातन धर्म की चर्चा तो बहुत है, लेकिन धर्म और पाखंड के बीच का फर्क समझना जरूरी है। उन्होंने कहा, “पहले सौ लोग कथा सुनते थे तो उनके भीतर अध्यात्म जागता था, आज लाखों सुनते हैं लेकिन अध्यात्म नहीं जाग रहा।” उनके मुताबिक, आज कथा श्रवण की जगह प्रदर्शन हावी हो गया है।
उन्होंने कथावाचकों द्वारा स्वयं को निःशुल्क बताने पर भी सवाल उठाए। आचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि जब लाखों की भीड़, हवाई यात्रा, पांच सितारा इंतजाम और करोड़ों के पैकेज नजर आते हैं, तो इसे निःशुल्क कैसे कहा जा सकता है। उनके अनुसार, अध्यात्म की जगह अब आडंबर ने ले ली है।
चाय वाले बाबा ने कहा कि केवल चार हिंदुत्व टिप्पणियां कर हीरो बन जाना या हर मुद्दे पर बयान देना सनातन को आगे नहीं बढ़ाता। सनातन की मजबूती के लिए गहराई, साधना और आत्मचिंतन जरूरी है, न कि सिर्फ मंचीय भाषण।
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम सरकार) को लेकर आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री ने साफ कहा कि उनकी नजर में वे केवल कथावाचक हैं, ज्योतिषी नहीं। उन्होंने चमत्कार और ज्योतिष के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि चावल देखकर भविष्य बताना सिद्धि और सनातन परंपरा का हिस्सा है, जो सदियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा, “चमत्कार कुछ और होता है, जबकि ज्योतिष एक शास्त्र है।”
चाय वाले बाबा के इन बयानों के बाद धार्मिक जगत में एक बार फिर कथावाचन, चमत्कार, ज्योतिष और सनातन परंपरा को लेकर गहन चर्चा शुरू हो गई है। उनके विचारों को कुछ लोग साहसिक सत्य कह रहे हैं, तो कुछ इसे विवादित बयान मान रहे हैं।
Updated on:
01 Jan 2026 02:17 pm
Published on:
01 Jan 2026 02:17 pm
