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दुर्ग संभाग के इतिहास में पहली बार बेटियों ने संभाली चार जिलों की कलेक्टर बनकर कमान

दुर्ग संभाग के चार जिलों की कमान मंगलवार को चार बेटियों ने शेडो कलेक्टर बनकर संभाला।

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दुर्ग/राजनांदगांव.दुर्ग संभाग के चार जिलों की कमान मंगलवार को चार बेटियों ने शेडो कलेक्टर बनकर संभाला। दुर्ग, बालोद, बेमेतरा और राजनांदगांव में बेटियों ने कलेक्टर की कुर्सी संभालकर नारी सशक्तिकरण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

राजनांदगांव जिले के सबसे बड़े कैम्पस दिग्विजय महाविद्यालय की पीजीडीसीए की छात्रा प्रतिभा यादव मंगलवार को एक दिन के लिए कलेक्टर की भूमिका अदा कर रही है। दरअसल, राज्य सरकार ने राज्य भर के प्रतिभावान बच्चों को शेडो कलेक्टर बनाने टेस्ट लिया था, जिसमें यह छात्रा चयनित हुई है।

आज सुबह प्रतिभा कलेक्टोरेट पहुंची और उसने कलेक्टर भीम सिंह के साथ अधिकारियों की बैठक ली। प्रतिभा दिन भर कलेक्टर के साथ रहकर प्रशासनिक गतिविधियों में शामिल होगी। प्रतिभा ने बताया कि वह शेडो कलेक्टर बनने के लिए काफी उत्साहित थी। भविष्य में यूपीएसपी का एक्जाम देकर रियल जिंदगी की कलेक्टर बनेगी।

दुर्ग जिला कलेक्टोरेट में मंगलवार का दिन अधिकारियों के लिए कुछ अलग सा रहा। सुबह साढ़े १० बजे कलेक्टर उमेश अग्रवाल के साथ कॉलेज स्टूडेंट वंदना सोनी को देख लोगों को अटपटा जरूर लगा पर जब उन्हें पता चला कि वह एक दिन की शेडो कलेक्टर के रूप में उनके बीच मौजूद है।

मंगलवार के दिन प्रदेश के सभी 27 जिलों में कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। जहां युवा शेडो कलेक्टर के रूप में एक दिन का कामकाज देख रहे हैं। दुर्ग जिले में वंदना सोनी शेडो कलेक्टर के रूप मे पहुंची और जनदर्शन में लोगों की समस्या को सुना। वंदना को यह मौका कई तगड़े कंपीटिशन के बाद मिला है। प्रदेश के 519 कॉलेजों के 5 लाख युवाओं के बीच चार चरणों में मुकाबला रखा गया था । जिसके अंतिम चरण में 27 युवाओं को यह मौका मिला है।

संभाग में चार जगह बेटियां
रमन सरकार के 14 वर्ष पूरे होने एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में हो रहे इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में युवाओं को एक दिन का कलेक्टर बनने का मौका मिला है। इसमें दुर्ग संभाग के पांच में से चार जिले में बेटियों ने कमान संभाली है। दुर्ग में शेडो कलेक्टर के रूप में वंदना सोनी, बालोद में परिणीता भारती, बेमेतरा में दिव्या नायर, राजनांदगांव में प्रतिभा यादव और कवर्धा में अभिषेक पांडेय कलेक्टोरेट में मौजूद हैं।

शेयर करेंगे दिनभर का अनुभव
दिनभर कामकाज देखने के बाद यह सभी युवा 3 मिनट का वीडियो तैयार करेंगे । जिसमें उन्हें अपने जिले की ताकत, कमजोरी, काम करने का तरीका आदि को बताना होगा। इसके बाद ही इसमें से बेस्ट का निर्णय जूरी करेगी। इनमें से प्रथम रहने वाले युवा को 51 हजार, द्वितीय को 31 हजार और तृतीय को 21 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।