
वोट डालने के बाद आप भी लीजिए शिवनाथ नदी तट पर तीन दिवसीय मेले का आनंद, यह रहेगा खास
राजनांदगांव. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शिवनाथ नदी किनारे मोहारा घाट पर शहर सहित आसपास गांव के लोग बड़ी संख्या में स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा घाट की सफाई की जा चुकी है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से घाट पर पर्याप्त लाइटों की व्यवस्था की जा रही है। वहीं बेरीकेटिंग लगाकर पुलिस जवान भी तैनात किए जाएंगे। मेला स्थल पर सुरक्षा के लिए विभिन्न जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। मोहारा में 22, 23 व 24 नवंबर भी भारी मेला लगेगा।
तीन दिवसीय मेले का आयोजन
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शिवनाथ नदी किनारे मोहारा घाट पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है। मेले में भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए संस्कृति विभाग द्वारा तीनों दिन अलग-अलग कार्यक्रम का आयोजन कराया जाता है। निगम प्रशासन से मिली जानकारी अनुसार कार्यक्रम के लिए संस्कृति विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
पापों का होता है नाश
कार्तिक माह में सूर्याेदय के पहले स्नान कर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। इस साल कार्तिक पूर्णिमा २३ नवंबर को मनाया जाएगा। इससे पहले महीनेभर तक लोग पुन्नी स्नान करते हैं। इसके बाद पूर्णिमा के दिन स्नान कर दीपदान कर लोग अपने परिवार की खुशहाली के लिए मंगल कामना करते हैं। इस दिन गरीबों को भी दान-दक्षिणा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि इस तरह सूर्याेदय के पहले स्नान से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
मनोकामना होती है पूर्ण
पंडित आनंद कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया कि इस दिन पुष्कर तीर्थ में त्रिपुरासुर राक्षस को दीपदान किया जाता है। दीपदान कर भगवान विष्णु और भोलेनाथ की पूजा अर्चना करनी चाहिए। इससे मनोकामना पूर्ण होती है। सिख समुदाय के लिए भी इस दिन का विशेष महत्व होता है। इस दिन गुरुनानक देव का भी जन्मदिन है, उन्हें ईश्वरीय अंश माना जाता है।
Published on:
19 Nov 2018 01:15 pm
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