
चर्चा... समझौता कराने के लिए प्रशासनिक की टीम गांव पहुंची थी।
राजनांदगांव / खैरागढ़. ब्लाक के देवारीभाठ में ग्रामीणों द्वारा एक परिवार के बहिष्कार के मामले में पीडि़त पक्ष के प्रशासन को ज्ञापन देते ही प्रशासन हरकत में आया। बुधवार शाम को एसडीएम सीपी बघेल, एसडीओपी पुष्पेन्द्र नायक सहित जनपद पंचायत सीईओ जीएस ठाकुर देवारीभाठ पहुंचे ग्राम पंचायत भवन में ग्रामीणों और पीडि़त पक्ष की संयुक्त बैठक कराई और दोनों पक्षों की बात सुन आपसी समझौता कराया। ग्रामीणों ने भी बहिष्कार किए गए रामानंद वर्मा परिवार को वापस मिलाया।
एसडीएम से की थी शिकायत
उल्लेखनीय है माह भर से ग्रामीणों द्वारा बहिष्कार की मार झेल रहे रामानंद और उसकी पत्नी ने सोमवार को ही एसडीएम सीपी बघेल और एसडीओपी पुष्पेन्द्र नायक को ज्ञापन सौंप कार्यवाही की मांग करते अपनी परेशानी बताई थी। रामानंद मजदूरी कर अपना परिवार चलाता है, गांव में बहिष्कार के बाद उसे परिवार चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
बैठक में नहीं पहुंचा इसलिए कार्रवाई
बुधवार को देवारीभाठ पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनो पक्षो की बाते सुनी। मामला शासकीय जमीन में कब्जे को लेकर था बताया गया कि ग्रामीणों ने इसके लिए पहले बैठक बुलाई जिसमे रामानंद नही पहुँचा जिसके बाद उसे बहिष्कृत कर दिया गया। एसडीएम ने बैठक में गांव के सभी शासकीय जमीन की जांच कराने के निर्देश दिए जिसके बाद ग्रामीण भी सकपका गए और रामानंद के माफी मांगने के बाद उसका बहिष्कार खत्म कर दिया। इस दौरान एसडीओपी पुष्पेन्द्र नायक ने बहिष्कार के लिए होने वाली कार्यवाही से भी ग्रामीणों को अवगत कराया। सीईओ ठाकुर ने भी इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों को समझाइश दी। जिसके बाद ग्रामीणों ने रामानंद परिवार को मिला लिया।
दोनों पक्षों में कराया समझौता
एसडीएम खैरागढ़, सीपी बघेल ने कहा कि ग्रामीणों की उपस्थिति में दोनों पक्षों को साथ बैठाकर समझौता कराया गया। गांव में शासकीय जमीन में कब्जे की जांच भी कराई जाएगी। अब रामानंद परिवार को कोई परेशानी नही है।
Published on:
29 Jun 2018 11:40 am
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