
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपियों को फास्ट टै्रक कोर्ट ने सुनाई ऐसी कड़ी सजा कि छा गया सन्नाटा, जानिए क्या है पूरा मामला
राजनांदगांव . मोहला थाना क्षेत्र मेें अनुसूचित जनजाति की एक नाबालिग लड़की को अपने साथ ले जा कर उसे रात भर अपने खेत में रखकर दूसरे दिन अपने साथियों के साथ लड़की को महाराष्ट्र ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया था।
पीडि़ता व उसके परिजनों द्वारा घटना की शिकायत थाना में की गई थी। मामंला जिला न्यायालय के फास्ट ट्रेक कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट में सुनवाई के बाद न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने इस गंभीर मामले में आरोपी को 10 साल व उसके सहयोगियों को तीन-तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
मिली जानकारी के अनुसार मई माह 2019 मेंं आरोपी मोहन गिरी नाबालिक बालिका को अपने साथ ले जाकर रात भर खेत में रखा था। दूसरे दिन आरोपी ने अपने साथियों खिल्लू उर्फ खिलेश व कृष्णा के सहयोग से नाबालिग को महाराष्ट्र में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
जिला न्यायालय के फास्ट ट्रेक कोर्ट में चला मामला
पीडि़ता व उसके परिजनों की शिकायत मोहला पुलिस आरोपी मोहन गिरी व उसके साथियों के खिलाफ धारा 366, 376 (2, ढ) व 109 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को जिला न्यायालय के फास्ट ट्रेक कोर्ट में पेश किया था। मामले की सुनवाई न्यायाधीश शैलेश शर्मा के समक्ष शुरु हुई। सरकारी वकील परवेज अख्तर द्वारा न्यायालय में पीडिता की ओर से पैरवी की गई। दोनों पक्ष के वकीलों की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने आरोपी मोहन गिरी को 10 साल सश्रम कारावास व 1000 रुपए अर्थदंड़ एवं सहयोगियों कृष्णा व खिलेश को तीन-तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद सन्नाटा छा गया। कोर्ट से सख्त सजा मिलने के बाद अब ऐसे अपराध करने वालों को सबक मिलेगा और वे किसी भी सभ्य समाज में इस तरह के कृत्य न करें।
Updated on:
28 Feb 2022 08:50 pm
Published on:
28 Feb 2022 08:46 pm
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