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तीन दिवसीय कबीर सत्संग में पहले ही दिन से उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भारी भीड़

धर्माचार्य ने कहा- जीवन में समर्थ गुरु का होना अत्यंत आवश्यक

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The three-day Kabir Satsang is gathering huge crowds from the very first day

धर्माचार्य ने कहा- जीवन में समर्थ गुरु का होना अत्यंत आवश्यक

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. ग्राम पंचायत मोतीपुर में आयोजित तीन दिवसीय कबीर सत्संग में पहले ही दिन से भारी भीड़ उमड़ रही है। बनारस काशी लहरतारा आश्रम से पधारे धर्माचार्य संत सुधाकर शास्त्री साहेब ने कहा कि जीवन में सतगुरु का होना अत्यंत आवश्यक है, बिना उसके जीव की नैया पार नहीं हो सकती। श्रेष्ठ जीवन प्राप्त करके हमें मनुष्य तन मिला है, हमें जीवन किसलिए क्यों मिला क्या प्रयोजन है यदि यह प्रश्न मन में आए तो शुभ संकेत है। जीवन में गुरु मिले तो और भी शुभ संकेत है, बार-बार जन्मे और भोगों में लिप्त रहने के कारण ही मनुष्य ऊपर नहीं उठ पाता।

ग्राम पंचायत मोतीपुर में हो रहा है आयोजन
उन्होंने कहा कि निषेध पर ही आकर्षण है मनुष्य को जो मना किया जाए ध्यान वहीं जाता है मन से लडऩा ठीक नहीं उसे समझाना चाहिए उसे दबाने से ज्यादा अच्छा उपाय खोजना है मन की गांठ साधना या एकांत में मौन बैठने से ही दूर हो सकती है क्रोध व कामना रूपी ऊर्जा का रूपांतरण कर जीवन को ऊपर उठाने में लगना चाहिए और इसके लिए जीवन में संत का होना अत्यंत आवश्यक है संत करुण से भरे होते हैं दुख की निवृत्ति के लिए प्रयासरत रहते हैं कबीर का प्राकट्य भी करुणा के कारण हुआ भवसागर से जीवो को दुखी देखकर कष्ट में देखकर कबीर का प्राकट्य हुआ। जीवन की सार्थकता को समझने के लिए यदि जाते समय मनुष्य के मन में संतुष्टि है तृप्ति है उसकी झलक मिलती है तो जीवन सफल है।

राजा-महाराजाओं व संतो के उदाहरण देते हुए बड़े ही मार्मिक ढंग से समझाया
प्रभु यीशु मसीह राजा भरतरी ययाति शुद्धोधन सिद्धार्थ सहित अन्य राजा महाराजाओं संतो के उदाहरण देते हुए बड़े ही मार्मिक ढंग से सुधाकर शास्त्री साहेब ने जीवन के प्रयोजन पर व्याख्यान दिया उन्होंने बड़े ही सरल ढंग से जीवन की सार्थकता सिद्ध करने मनुष्य को सतगुरु के निकट जाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नाथू नवागांव के नरबद वर्मा, बोदेला के गुलाब वर्मा, अछोली के सरपंच कचरू साहू, तहसील साहू संघ के अध्यक्ष हंसराज साहू, पूर्व अध्यक्ष अशोक साहू, वरिष्ठ अधिवक्ता मेवालाल साहू, हेमंत साहू, मंथीरदास साहू, जगीन चंद्रवंशी, नोहर चंद्रवंशी, वेदराम साहू, राजनांदगांव की सुशीला भूआर्य, सुजाता साहू, ईश्वर साहू, एलबीनगर के घासीराम साहू, रामाटोला के हिंनसूराम साहू, चुनेश्वर चंद्रवंशी, नरेंद्र चंद्रवंशी सहित अन्य लोगों ने संत का स्वागत किया।