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66 साल, 19 रहे मंत्री, फिर भी उम्मीदें अधूरी : विकास में क्षेत्रवाद रहा हावी

चौदह विधानसभा में से सिर्फ दो बार 1995 और 2008 में राजसमंद से नहीं रहा कोई मंत्री
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66 साल, 19 रहे मंत्री, फिर भी उम्मीदें अधूरी : विकास में क्षेत्रवाद रहा हावी

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद. राज्य विधानसभा के इतिहास में अब तक अक्सर हर बार राजसमंद जिले के किसी न किसी विधायक को मंत्री का ओहदा मिलता ही हा और फरवरी 1985 में तो कुंभलगढ़ विधायक हीरालाल देवपुरा 19 दिन तक मुख्यमंत्री भी बने। अब तक चौदह विधानसभाओं में से सिर्फ दो बार 1995 और 2008 में राजसमंद जिले से कोई विधायक मंत्री नहीं रहा, लेकिन कई विधानसभाओं में तो राजसमंद जिले से दो से तीन तीन मंत्री रहे। इनमें स्व. हीरालाल देवपुरा, डॉ. सीपी जोशी व किरण माहेश्वरी को मजबूत मंत्री माना गया, मगर उनके विकास कार्य भी उनके ही विधानसभा क्षेत्र में ही दिखे और सम्पूर्ण जिले के समग्र विकास की कोई ठोस योजना नहीं बन पाई।

प्रदेश में 1952 में राज्य विधानसभा गठन के बाद 1954 में जनता पार्टी से जीतकर भीम विधायक बनकर मेजर फतहसिंह रावत ने पहली बार राज्य सरकार में मंत्री पद का ओहदा हासिल किया। कांगे्रस के कद्दावर नेता हीरालाल देवपुरा 1967 से 1998 तक छह बार विधायक चुने गए और हर बार मंत्री रहे और फरवरी 1985 में वे 19 दिन तक मुख्यमंत्री भी रहे। इसके तहत राजसमंद विधानसभा से 5 बार, भीम विधानसभा से चार, कुंभलगढ़ से सात, नाथद्वारा से तीन बार विधायक को मंत्री बनने का मौका मिला। चौदह विधानसभाओं में राजसमंद के 19 मंत्री बने। इसके बावजूद उनके विकास की दृष्टि विधानसभा क्षेत्र तक ही सिमटकर रह गई, जिससे न तो जिला मुख्यालय का उत्थान हो सका और न ही समग्र जिले का।

ये चार मंत्री भी राजसमंद के
नाथद्वारा के विजयसिंह झाला ने चित्तौडग़ढ़ जिले की विधानसभा से विधायक का चुनाव लड़ा और सिंचाई राज्यमंत्री बने। इसी तरह मूलत: पछमता (रेलमगरा) के डॉ. रतनलाल जाट ने सहाड़ा विधानसभा से चुनाव लड़े और मंत्री बने। इसी तरह 1967 में मावली से विधायक का चुनाव लडऩे के बाद राजसमंद के आचार्य निरंजननाथ विधानसभा अध्यक्ष बने थे। 2009 से 2012 तक भीलवाड़ा लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर डॉ. सीपी जोशी केन्द्र सरकार में पंचायतीराज, सडक़ एवं परिवहन तथा रेलवे मंत्री भी रह चुके हैं।

ये बड़ी उपलब्धियां
- चिकलवास बांध का निर्माण
- नन्दसमंद से राजसमंद झील तक खारी फीडर का निर्माण
- बाघेरी नाका जल प्रदाय योजना
- हर गांव-ढाणी में स्कूल के लिए राजीव गांधी पाठशालाएं खुली, जो अभी प्राथमिक विद्यालय है।
- शहर-देहात में नहरी तंत्र का विकास हुआ
- ग्रामीण विकास में सामाजिक अंकेक्षण व पारदर्शिता
- राजसमंद में महाराणा राजसिंह पेनोरमा, आमेट के कमेरी गांव में पन्नाधाय व देवगढ़ में महाराणा कुंभा पेनोरमा
- दिवेर में विजय स्मारक व खमनोर के हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप राष्ट्रीय स्मारक
- राजसमंद में शहीद अमर ज्योति जवान उद्यान
- कुंभलगढ़ में लाइट एंड साउंड सिस्टम
- राजसमंद में मेवाड़ स्पॉट्र्स क्लब का गठन और खेल कोर्ट विकसित करना
- कुंभलगढ़ अभ्यारण्य को राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा
- उदयपुर से गोमती और कांकरोली से भीलवाड़ा फोरलेन का निर्माण

विधानसभा राजसमंद
वर्ष नाम मंत्री दल
1962 निरंजननाथ आचार्य शिक्षा मंत्री कांगे्रस
1977 कैलाशचंद्र मेघवाल इंडस्ट्रीज, खान जेपी
पंचायतीराज
1967 अमृतलाल यादव समाज कल्याण कांगे्रस
1980 नानालाल वीरवाल खनिज कांगे्रस
2013 किरण माहेश्वरी उच्च शिक्षा भाजपा
विधानसभा भीम
वर्ष नाम मंत्री दल
1954 मेजर फतहसिंह राजस्व जपा
1990 मान्धातासिंह भूजल जनता दल
1988 लक्ष्मणसिंह रावत गृह, राजस्व कांगे्रस
2013 हरिसिंह रावत मगरा विकास भाजपा
बोर्ड अध्यक्ष
विधानसभा कुंभलगढ़
वर्ष नाम मंत्री दल
1967 हीरालाल देवपुरा गृह-पर्यटन कांगे्रस
1972 हीरालाल देवपुरा श्रम-जल कांगे्रस
1980 हीरालाल देवपुरा राजस्व कांगे्रस
1985 हीरालाल देवपुरा मुख्यमंत्री कांगे्रस
1990 हीरालाल देवपुरा केबिनेट मंत्री कांगे्रस
1998 हीरालाल देवपुरा वित्त आयोग कांगे्रस
अध्यक्ष
2003 सुरेन्द्रसिंह राठौड़ सिंचाई भाजपा
विधानसभा नाथद्वारा
वर्ष नाम मंत्री दल
1977 नवनीत कुमार मुख्य सचेतक जेएनपी
1993 शिवदानसिंह चौहान देवस्थान भाजपा
1998 सीपी जोशी जलदाय कांगे्रस